दिल्ली विश्वविद्यालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने ‘साइबर सुरक्षा’ को लेकर एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | July 13, 2026 | 07:13 PM IST | 2 mins read
इस समझौता का उद्देश्य दिल्ली यूनिवर्सिटी में साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर हाइजीन, साइबर जागरूकता, क्षमता निर्माण, एकेडमिक सहयोग, रिसर्च, इंटर्नशिप और छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने ‘साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण’ (Cyber Safety and Capacity Building) को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर डीयू कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय अपने छात्रों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने कहा, “हमारे सामने ऐसे मामले आए हैं जिनमें कई बार छात्राएं (खासकर कमजोर वर्गों की छात्राएं) डिजिटली बुलिंग और डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो जाती हैं। एक छोटी सी गलती बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है। हमने इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए यह एमओयू साइन किया है।”
आगे कहा कि इस MoU का उद्देश्य दिल्ली यूनिवर्सिटी में साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर हाइजीन, साइबर जागरूकता, क्षमता निर्माण, एकेडमिक सहयोग, रिसर्च, इंटर्नशिप और छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस समझौता ज्ञापन पर डीयू के रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता और I4C (गृह मंत्रालय) के निदेशक निशांत कुमार ने हस्ताक्षर किए।
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डायरेक्टर निशांत कुमार ने कहा कि यह साझेदारी दिल्ली विश्वविद्यालय एवं I4C की सुरक्षित, जागरूक एवं डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण तथा युवाओं में उत्तरदायी डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे साइबर सुरक्षा शिक्षा और डिजिटल मजबूती को आगे बढ़ाने में एकेडेमिया और सरकार के बीच जानकारी साझा करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रो संजीव सिंह बताया कि इस सहयोग के तहत साइबर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, हैकाथॉन, छात्र प्रतियोगिताएं, इंटर्नशिप, साइबर वालंटियर कार्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षण तथा यूजीसी द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न संयुक्त गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नॉलेज एक्सचेंज, इनोवेशन और इंस्टीट्यूशनल सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में डीयू की डीन अकादमिक प्रो के. रत्नाबली सहित दिल्ली विश्वविद्यालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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