Press Trust of India | July 11, 2026 | 03:03 PM IST | 1 min read
आईआईआईटी कोटा के 5वें दीक्षांत समारोह 2026 में पीएचडी के दो शोधार्थियों सहित 203 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

नई दिल्ली: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा (IIIT Kota) का पांचवां दीक्षांत समारोह 10 जुलाई को आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान की शैक्षणिक और आधारभूत संरचना का बड़े पैमाने पर विस्तार करने तथा भविष्य में 25,000 विद्यार्थियों को समायोजित करने की दीर्घकालिक योजना की घोषणा की गई।
लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी से सांसद ओम बिरला समारोह के मुख्य अतिथि थे। इस दौरान पीएचडी के दो शोधार्थियों सहित 203 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां प्रदान की गईं।
बिरला ने समारोह में कहा कि हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ आईआईआईटी कोटा के विस्तार को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें संस्थान को अनुसंधान और उन्नत प्रौद्योगिकी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की गई।
उन्होंने कहा कि संस्थान में वैश्विक आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें कृत्रिम मेधा (एआई) पर विशेष जोर रहेगा।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान में लगभग 1,100 विद्यार्थी हैं और पहले चरण में उनकी संख्या बढ़ाकर 5,000 करने तथा बाद में 25,000 विद्यार्थियों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करने की योजना है।
बिरला ने कहा कि संस्थान के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट रोजगार पैकेज मिल रहे हैं और वे वैश्विक तकनीकी चुनौतियों के समाधान में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राजस्थान सरकार के संयुक्त प्रयासों से आईआईआईटी कोटा को तकनीकी शिक्षा और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एन. पी. पाढी ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों और भावी विकास रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में कुल 203 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।