Santosh Kumar | July 8, 2026 | 12:07 PM IST | 2 mins read
सरकारी स्कूलों में दाखिला 12.75 करोड़ से घटकर 11.89 करोड़ हो गया, जबकि निजी बिना सरकारी सहायता वाले मान्यता प्राप्त स्कूलों में यह 9 करोड़ से बढ़कर 9.89 करोड़ हो गया।

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई, जबकि इसी अवधि के दौरान निजी बिना सरकारी सहायता वाले मान्यता प्राप्त स्कूलों में छात्रों की संख्या 88 लाख से अधिक बढ़ गई। 'यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस' (यूडीआईएसई) 2025-26 की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
यूडीआईएसई शिक्षा क्षेत्र के लिए केंद्र का आधिकारिक डिजिटल डेटाबेस है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह डेटाबेस स्कूल अवसंरचना, छात्रों के दाखिले और शिक्षकों से जुड़े आंकड़ों की 'रियल-टाइम' जानकारी इकट्ठा करता है।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में बुनियादी से लेकर माध्यमिक स्तर तक कुल दाखिला 24.72 करोड़ था, जबकि 2023-24 में यह 24.80 करोड़ था - यानी इसमें लगभग 8.26 लाख की कमी आई।
लेकिन सरकारी स्कूलों में दाखिला 12.75 करोड़ से घटकर 11.89 करोड़ हो गया, जबकि निजी बिना सरकारी सहायता वाले मान्यता प्राप्त स्कूलों में यह 9 करोड़ से बढ़कर 9.89 करोड़ हो गया।
स्कूलों की संख्या थोड़ी घटकर 14.72 लाख से 14.67 लाख हो गई, लेकिन शिक्षकों की संख्या 98.08 लाख से बढ़कर 1.03 करोड़ (1,02,73,020) हो गई, जिससे कुल छात्र-शिक्षक अनुपात 25 से बेहतर होकर 24 हो गया।
शून्य दाखिला वाले स्कूलों की संख्या 12,954 से घटकर 5,663 हो गई, जबकि एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 1.11 लाख से घटकर 1.01 लाख हो गई। वर्ष 2025-26 में छात्रों के स्कूल में बने रहने की दर में बदलाव देखा गया है।
'मिडिल' स्तर पर यह दर 82.8 प्रतिशत (2024-25) से बढ़कर 83.7 प्रतिशत (2025-26) और माध्यमिक स्तर पर 47.2 प्रतिशत (2024-25) से बढ़कर 51.9 प्रतिशत (2025-26) हो गई है।
यूडीआईएसई की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023-24 की तुलना में 2025-26 में स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। 2023-24 में 57.2% स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध थी, जो 2025-26 में बढ़कर 69.9% हो गई।
साथ ही, इंटरनेट सुविधा वाले स्कूलों का प्रतिशत 53.9% से बढ़कर 67.4% हो गया। इससे साफ है कि पिछले दो सालों में स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे छात्रों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल रहा है।