छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच छात्रों ने मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने तथा परिसर की सुविधाएं बंद किए जाने का विरोध किया।
विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर ने 26 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के चार्टर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।
प्रदर्शनकारी, छात्र संघ के पुनर्गठन और चुनाव की तारीखें घोषित करने की मांग कर रहे हैं। जामिया छात्र संघ को 2006 में भंग कर दिया गया था। इससे पहले, कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने का आदेश जारी किया था।
न्यायमूर्ति कुमार ने अहमद के वकील से कहा, “हम इसमें कोई बदलाव नहीं करेंगे... हमें पता है कि आपने दिल्ली के सभी लॉ कॉलेजों को छोड़कर उस लॉ कॉलेज में दाखिला क्यों लिया।”
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज जारी एक आदेश में घोषणा की कि 'जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ' (जेएमआईएसयू) के संविधान को मंजूरी मिलने की डेट से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 23 जून 2026 को अपना प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद छह अक्टूबर 2026 को बिलासपुर स्थित एम्स दीक्षांत समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा हुई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर, प्राथमिकी दर्ज की। आंदोलन कर रहे विद्यार्थी छात्र संघ को बहाल करने और अपने खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 19 राज्य विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से 'ए-प्लस' और 'ए-प्लस-प्लस' ग्रेड प्राप्त किए हैं।