Press Trust of India | January 20, 2026 | 08:32 AM IST | 1 min read
कमेटी ने 12 जनवरी को कॉलेज के छात्रावास में दो जूनियर विद्यार्थियों के साथ की गई मारपीट की घटना में उन्हें दोषी पाया।

नई दिल्ली: उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की कथित रूप से रैगिंग करने के मामले में 19 जनवरी को 9 सीनियर विद्यार्थियों के खिलाफ निलंबन और छात्रावास से निष्कासन की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि 2023 और 2024 बैच के एमबीबीएस विद्यार्थियों के खिलाफ यह कार्रवाई एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर की गई।
कमेटी ने 12 जनवरी को कॉलेज के छात्रावास में दो जूनियर विद्यार्थियों के साथ की गई मारपीट की घटना में उन्हें दोषी पाया। उन्होंने बताया कि दो विद्यार्थियों को दो माह के लिए कक्षाओं से निलंबित करने के साथ ही पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए छात्रावास और इंटर्नशिप से बाहर कर दिया गया है। साथ ही इन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा 7 अन्य वरिष्ठ विद्यार्थियों को एक माह के लिए कक्षाओं से निलंबित तथा तीन माह के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को सौंप दी है। डॉ. जैन ने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज एक रैगिंग मुक्त परिसर है और यहां किसी भी परिस्थिति में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश के चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि उन्होंने कॉलेज की प्राचार्य को घटना की जांच करने व ऐसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।