Santosh Kumar | June 3, 2026 | 09:01 AM IST | 3 mins read
सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों के तबादले की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि इन्हें हटाने का यह कदम लाखों छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को लेकर जारी विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए दो शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की सीबीएसई द्वारा खरीद की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया। सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया गया और उनके स्थान पर क्रमशः वरिष्ठ नौकरशाह लोखंडे प्रशांत सीताराम और वरुण भारद्वाज को नियुक्त किया गया है।
सरकार ने यह कदम 12वीं कक्षा के लिए लागू डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के बाद उठाया है। सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से प्रभावित झारखंड के 17 वर्षीय छात्र ने संसद की समिति के समक्ष प्रस्तुति दी।
छात्र सार्थक सिद्धांत ने ऑनलाइन मूल्यांकन की खातिर 'वेंडर' के चयन के लिए सीबीएसई की प्रक्रिया में विसंगतियों का उल्लेख किया। उन्होंने संसद की शिक्षा, महिला बाल, युवा और खेल की स्थायी समिति के समक्ष 7 पन्नों में बिंदुओं को रखा।
समिति के सदस्यों ने सार्थक की बातों को सुना और बोर्ड अधिकारियों से जवाब मांगा। बोर्ड ने दावा किया कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने साइबर हमलों के माध्यम से पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।
अब, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीएसई की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जनता के आक्रोश के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया गया।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली विवाद के बाद केंद्र द्वारा सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों के तबादले की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि इन्हें हटाने का यह कदम लाखों छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
केजरीवाल ने कहा, "सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है। बस इतना ही? क्या इतने बड़े घोटाले पर सरकार की यही प्रतिक्रिया है? यह सजा है या संरक्षण?" मोदी सरकार ने छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है।"
सीबीएसई उस समय विवादों में घिर गया, जब 12वीं कक्षा के कई छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं, इससे ओएसएम को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
इसके बाद, कैबिनेट सचिवालय ने एक परिपत्र जारी कर सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।
समिति की अध्यक्षता क्षमता विकास आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी। इनको जरूरी विभागों के अधिकारियों की मदद हासिल करने का अधिकार दिया गया है, जबकि क्षमता विकास आयोग समिति को सचिवालय संबंधी सहायता प्रदान करेगा।
संबंधित परिपत्र के अनुसार, समिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को 1 महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। चौहान के नाम पर जारी परिपत्र को विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के साथ साझा किया गया है।
सार्थक ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव (स्कूल शिक्षा) संजय कुमार के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। सीबीएसई ने समिति के सदस्यों को एक रिपोर्ट सौंपी।
इसमें छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना पक्ष रखा गया था और सांसदों को आश्वासन दिया गया कि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया 6 जून तक जारी रहेगी।