Santosh Kumar | May 26, 2026 | 07:26 AM IST | 3 mins read
सीबीएसई ने कहा कि उत्तर पुस्तिका की एक सही प्रति छात्र को भेज दी गई है और उनके परिणाम को अपडेट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों और विसंगतियों की बढ़ती शिकायतों के बीच 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती। सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद, सीबीएसई ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रभावित छात्रों को जवाब देना शुरू कर दिया, साथ ही आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कार्रवाई भी की।
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यह मामला दिल्ली निवासी एवं 12वीं कक्षा के एक छात्र वेदांत द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद सामने आया है। वेदांत ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई भौतिकी (फिजिक्स) की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं है।
कई अन्य छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह के दावे किए। सीबीएसई ने कहा कि उनकी उत्तर पुस्तिका की एक सही प्रति उन्हें भेज दी गई है और उनके परिणाम को अपडेट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सूत्र ने कहा, "जो भी शिकायतें आ रही हैं, बोर्ड कार्रवाई कर रहा है।" वेदांत की शिकायत के संबंध में पूछे गए सवालों पर सूत्र ने कहा, "यह किसी एक बच्चे का मामला नहीं है। जिसकी भी शिकायत आ रही है, उसपर ध्यान दिया जा रहा है।"
वेदांत के इस पोस्ट को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर 25 लाख व्यूज मिले हैं। वेदांत ने पोस्ट में लिखा है कि सीबीएसई द्वारा मुहैया करायी गई फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका की लिखावट उसकी लिखावट से मेल नहीं खाती।
सीबीएसई ने 'एक्स' पर वेदांत को दिए जवाब में कहा, ''आपकी उत्तर पुस्तिका की सही प्रति आपके पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दी गई है। साथ ही, आवश्यकतानुसार आपके परिणाम में संशोधन की प्रक्रिया भी की जा रही है।''
सही उत्तर पुस्तिका मिलने के बाद वेदांत ने कहा कि वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करेंगे, उनका आरोप है कि सही उत्तरों के बावजूद अंक काटे गए हैं। छात्र ने बोर्ड से आग्रह किया कि वह अधिक स्पष्टता और गहराई से जांच करे।
इस बीच, 12वीं कक्षा की एक एक अन्य छात्रा संजना ने भी सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उसे जो केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मिली, वह उसकी लिखावट से मेल नहीं खाती।''
छात्रा ने कहा, ''पहले तो मुझे लगा कि स्कैन की गई कॉपी धुंधली होगी, लेकिन वह मेरी उत्तर पुस्तिका से बिल्कुल मेल नहीं खाती, हर पृष्ठ पर किसी और की लिखावट प्रतीत होती है। लिखावट बिल्कुल भी मेल नहीं खाती।''
छात्रा के अनुसार, उत्तर पुस्तिका का पहला पृष्ठ जिसपर उसकी व्यक्तिगत जानकारी थी, वह तो उसका लग रहा था, लेकिन अंदर के पृष्ठों पर उसकी लिखावट मेल नहीं खा रही थी। सीबीएसई ने छात्रा के ईमेल का जवाब देते हुए गलती मानी है।
बता दें कि यह आरोप सीबीएसई की परिणाम के बाद की सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के बीच सामने आए हैं, जिनमें धुंधली स्कैन कॉपियां, कथित रूप से गायब पृष्ठ और अंकों में विसंगतियां शामिल हैं।
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कक्षा एक से माध्यमिक स्तर तक सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल किया जाना मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।"
Santosh Kumar