Santosh Kumar | May 25, 2026 | 04:26 PM IST | 1 min read
सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली को एक विषय के रूप में शामिल किया है।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई विरासत के लिए गर्व की बात है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर मैथिली को एक विषय के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया है।
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कक्षा एक से माध्यमिक स्तर तक सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल किया जाना मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था में मैथिली भाषा को शामिल कर मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ''ऐतिहासिक'' और ''अत्यंत सराहनीय'' है।
सीएम ने कहा कि इस निर्णय से मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान मिलेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को उनकी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की।
बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली को एक विषय के रूप में शामिल किया है। मैथिली भाषा का पाठ्यक्रम सीबीएसई की शैक्षणिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध है।
यूपी मदरसा बोर्ड रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट madarsaboard.upsdc.gov.in पर जारी किए गए हैं। कुल 80,933 परीक्षार्थियों में से 55,788 छात्र सफल घोषित किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 88.26% रहा है।
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