प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री की तस्वीर फाड़ी, उसे जमीन पर फेंका और पैरों से रौंद दिया। आरोप है कि ऐसा सार्वजनिक दंगा भड़काने के इरादे से किया गया।
छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि समिति में वरिष्ठ डीन और प्रोफेसर शामिल हैं।