Abhay Pratap Singh | February 9, 2026 | 04:18 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली का ऑनलाइन पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन हेल्थकेयर प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग (CBME) द्वारा पेश किया जाता है।

नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIT Delhi) ने हेल्थकेयर प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट में ऑनलाइन पोस्टग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा के दूसरे बैच के लिए प्रवेश (एडमिशन) की घोषणा की है। यह 12 महीने का पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले स्नातकों और पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है।
आईआईटी दिल्ली का यह प्रोग्राम बायोमेडिकल इनोवेशन, रेगुलेटरी साइंस, कमर्शियलाइजेशन स्ट्रेटेजी और प्रोडक्ट मैनेजमेंट को मिलाकर एक मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग अनुभव प्रदान करता है। यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को हेल्थकेयर समाधानों को बाजार के लिए तैयार उत्पादों में बदलने के लिए आवश्यक कौशल और क्षमताएं विकसित करने में सक्षम बनाता है।
स्नातक, स्नातकोत्तर और कार्यरत पेशेवर, जिनके पास किसी भी इंजीनियरिंग ब्रांच में BE/ BTech/ BCA/ BIT या समकक्ष, लाइफ साइंसेज व संबंधित बेसिक साइंस में BSc (या समकक्ष) तथा MBBS, BDS, BPharm या संबद्ध विषयों की डिग्री है, इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा, हेल्थकेयर प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट में ऑनलाइन पीजी डिप्लोमा के लिए हेल्थकेयर, बायोमेडिकल, बायोटेक या संबंधित उद्योगों में कार्यरत पेशेवर भी आवेदन करने के पात्र हैं, जिनके पास BE/ BTech/ BSc/डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग/ MBA/ MCA जैसी योग्यताएं हैं। अधिक जानकारी के लिए https://cbme.iitd.ac.in/ पर विजिट कर सकते हैं।
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एक साल के इस प्रोग्राम में 450 से अधिक घंटे की पढ़ाई शामिल है, जिसमें 200 घंटे के लाइव ऑनलाइन सेशन, 120 घंटे का प्रैक्टिकल कार्य एवं प्रोजेक्ट और दो दिवसीय कैंपस इमर्शन शामिल है। पाठ्यक्रम दो सेमेस्टर में 18 एकेडमिक क्रेडिट का है और इसमें 8 मॉड्यूल शामिल हैं। शिक्षार्थी इस कार्यक्रम के दौरान Pick 3D Printer, AutoCAD और UX/UI प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक टूल्स के साथ भी काम करते हैं।
दूसरे बैच की घोषणा करते हुए आईआईटी दिल्ली के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो अर्नब चंदा ने कहा, “भारत में हेल्थकेयर क्षेत्र की तेजी से बढ़ती जरूरतों के लिए ऐसे पेशेवरों की आवश्यकता है, जो वैज्ञानिक समझ के साथ वास्तविक दुनिया में उपयोगी उत्पाद विकसित कर सकें। यह डिप्लोमा शिक्षार्थियों को अधूरी क्लिनिकल जरूरतों की पहचान से लेकर मान्य, नियमों के अनुरूप और व्यावसायिक रूप से विस्तार योग्य समाधानों के विकास के लिए तैयार करता है।”
आईआईटी दिल्ली फैकल्टी और हेल्थकेयर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स सहित इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा संचालित किया जाने वाला यह प्रोग्राम लाइव, इंटरैक्टिव ऑनलाइन क्लास के जरिए चलता है। प्रतिभागी रियल-टाइम सिमुलेशन, केस-बेस्ड एनालिसिस और हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट में हिस्सा लेते हैं।
साथ ही, पीयर लर्निंग एवं प्रोफेशनल एक्सचेंज को और बेहतर बनाने के लिए दो दिन का ऑप्शनल कैंपस इमर्शन भी होता है। सफलतापूर्वक प्रोग्राम पूरा होने पर शिक्षार्थियों को संबद्ध पूर्व छात्र का दर्जा भी दिया जाता है।