Santosh Kumar | February 2, 2026 | 11:58 AM IST | 3 mins read
बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1.39 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा के लिए ₹55,727 करोड़ शामिल हैं।

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए शिक्षा क्षेत्र के बारे में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें सबसे खास है मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स (एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स) की स्थापना। इसी तरह की लैब्स 500 कॉलेजों में भी स्थापित की जाएंगी। इसका मकसद छात्रों को एनिमेशन, वीडियो, गेमिंग और क्रिएटिव कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में स्किल्स से लैस करना है। 2026-27 के केंद्रीय बजट पर राजनीतिक नेताओं और एक्सपर्ट्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं।
इस साल के बजट में देश के हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की योजना शामिल है, जिसमें 700 से अधिक जिले शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि यह कदम वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम के तहत उठाया जा रहा है।
लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने में राज्यों को सहयोग देगी।
वित्त मंत्री ने वेटेरिनरी कॉलेजों, अस्पतालों और डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी के लिए लोन-आधारित कैपिटल सब्सिडी सहायता योजना का भी प्रस्ताव दिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट की तारीफ करते हुए इसे "विकसित भारत का बजट" बताया।
बजट में पूर्वी क्षेत्र में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1.39 लाख करोड़ से ज़्यादा का आवंटन किया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा के लिए ₹55,727 करोड़ शामिल हैं।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारत की असली समस्याओं, जैसे बेरोजगारी, घटती घरेलू बचत और कृषि संकट को नजरअंदाज करता है। बजट युवाओं और आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए बजट को पॉलिसी विजन और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी वाला बताया। उन्होंने असमानता, बेरोजगारी, किसानों से जैसे मुद्दों पर ध्यान न देने के लिए सरकार की आलोचना की।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2026 के बजट को लेकर एक्स पर लिखा, "इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र। महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है।"
SpeakX.ai के फाउंडर और सीईओ अर्पित मित्तल ने कहा कि बजट में प्रस्तावित एआई मिशन, रिसर्च और इनोवेशन फंड, और शिक्षा और रोजगार समिति जैसे कदम इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देंगे।
दीपक के. सिन्हा, डिप्टी डायरेक्टर, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जैन यूनिवर्सिटी, बैंगलोर - "केंद्रीय बजट 2026 हाई-ग्रोथ सेक्टर पर फोकस करके भारत के भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स में रणनीतिक रूप से निवेश करता है।"
मुख्य संस्थागत घोषणाओं में नॉर्थईस्ट के लिए एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन, एक नेशनल टूरिज्म इंस्टीट्यूट, और आईआईएम (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) के जरिए 10,000 गाइड को ट्रेनिंग देने की योजना शामिल है।
एजुकेशन पॉलिसी एक्सपर्ट नमन जैन ने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की घोषणा से पता चलता है कि सरकार रटने वाली पढ़ाई से आगे बढ़कर स्टूडेंट्स प्रैक्टिकल स्किल्स देने के लिए कमिटेड है।