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Education Budget 2026: शिक्षा क्षेत्र को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित, विदेश में पढ़ाई का पैसा भेजना हुआ सस्ता

Abhay Pratap Singh | February 1, 2026 | 04:25 PM IST | 2 mins read

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित बजट 1.39 लाख करोड़ रुपये पिछले वर्ष के एजुकेशन बजट से 8.2% अधिक है।

विदेश में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस घटाकर 2% कर दिया गया है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)
विदेश में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस घटाकर 2% कर दिया गया है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए यूनियन वजट में शिक्षा क्षेत्र को 1,39,289.48 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। कुल राशि में 83,562.26 करोड़ रुपये स्कूली शिक्षा के लिए और 55,727.22 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा के लिए आवंटित किए गए हैं।

पिछले वर्ष शिक्षा बजट 2026 के तहत एजुकेशन सेक्टर को 1,28,650.05 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ था, जो 6.65% की वृद्धि दर्शाता है। 2025-26 में उच्च शिक्षा पर व्यय 7.74% बढ़कर 50,077.95 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 78,572 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित बजट 1.39 लाख करोड़ रुपये पिछले वर्ष के शिक्षा बजट से 8.2% अधिक है। शिक्षा मंत्रालय का कुल बजट वित्त वर्ष 2024-25 में 1,20,627.87 करोड़, 2023-24 में 1,12,899.47 करोड़, 2022-23 में 1,04,277.72 करोड़, 2021-22 में 93,224.31 करोड़ और वित्त वर्ष 2020-21 में 99,300 करोड़ रुपये था।

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विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए पैसा भेजना हुआ सस्ता -

वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी, 2026 को पेश किए गए शिक्षा बजट में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए विदेश में भेजे जाने वाले पैसे (रेमिटेंस) के साथ-साथ विदेशी यात्रा पैकेज की बिक्री पर ‘टैक्स कलेक्टेड एड सोर्स’ (TCS) की दर को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है।

सीतारमण ने कहा, “मैं एलआरएस के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को 5% से घटाकर 2% प्रतिशत करने का प्रस्ताव करती हूं।” शिक्षा या चिकित्सा उपचार के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजने पर अब मौजूदा पांच प्रतिशत के बजाय दो प्रतिशत टीसीएस लगेगा।

एलआरएस के तहत, नाबालिगों सहित सभी निवासी व्यक्तियों को प्रति वित्त वर्ष 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक विदेश भेजने की अनुमति है। हालांकि, शिक्षा या चिकित्सा के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए टीसीएस की दर 20 प्रतिशत बनी रहेगी। वित्त मंत्री ने विदेशी यात्रा पैकेज की बिक्री पर भी टीसीएस दर को मौजूदा 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर बिना किसी सीमा के सीधे 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया।

(पीटीआई से प्राप्त इनपुट के आधार पर)

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