ये फैसले वीसी प्रोफ़ेसर योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए। यूनिवर्सिटी ने पहले यूजीसीएफ-2022 के तहत प्रस्तावित 'सेमेस्टर अवे प्रोग्राम' (एसएपी) पर विचार किया था और एकेडमिक काउंसिल में भी इस पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना शिक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक तंगी का सामना कर रहे मेधावी छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना है। इससे हर साल 22 लाख से ज्यादा छात्र कवर होंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल चंदपुरिया ने जीवन भर सीखते रहने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, “विकास हमेशा कंफर्ट जोन के बाहर ही होता है।”
अकादमिक परिषद के संशोधित पीएचडी नियमों के तहत पात्र 4 वर्षीय स्नातक छात्र सीधे पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि मास्टर डिग्री को दरकिनार करने से शोध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बात की। हमने उनसे कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। यह बात सीजेपी, सोनम जी या किसी एक व्यक्ति के बारे में नहीं है।
यूनिवर्सिटी ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारी कथित पेपर लीक मामले में कॉलेज की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।