Press Trust of India | July 11, 2026 | 03:43 PM IST | 1 min read
कोयला कंपनी ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस पहल के तहत मेधावी छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग दी जाती है।

नई दिल्ली: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की अनुषंगी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने 11 जुलाई को कहा कि उसके कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत संचालित ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ पहल को कोयला मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। एसईसीएल की इस पहल से छात्रों को लाभ मिलेगा।
कोयला कंपनी ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस पहल के तहत मेधावी छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग दी जाती है। मंत्रालय ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए ‘आधार’ प्रमाणीकरण सक्षम करने संबंधी राजपत्र अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के तहत स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से लाभार्थियों तक पारदर्शी, कुशल और लक्षित तरीके से लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। जो लाभार्थी ‘आधार’ का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके लिए वैकल्पिक सरकारी मान्य पहचान दस्तावेजों का प्रावधान भी रखा गया है।
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कंपनी ने कहा कि यह राजपत्र अधिसूचना इस योजना को औपचारिक मान्यता देती है। कोयला सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र में इस तरह की पहल के लिए पहली बार ऐसा कदम उठाया गया है, जो खनन क्षेत्रों में सामाजिक विकास में कोयला कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
एसईसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने कहा, “यह अधिसूचना इस पहल की महत्वपूर्ण पहचान है, जो कोयला क्षेत्र के युवाओं की आकांक्षाओं को अवसरों में बदल रही है। यह सरकार के समावेशी और पारदर्शी विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है।”
बयान के मुताबिक, यह पहल पहले ही केंद्र के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) पोर्टल पर सूचीबद्ध होने वाली कोयला क्षेत्र की पहली सीएसआर योजना बन चुकी है।
लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी से सांसद ओम बिरला ने कहा, संस्थान में वैश्विक आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें कृत्रिम मेधा (एआई) पर विशेष जोर रहेगा।
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