Press Trust of India | July 13, 2026 | 10:55 PM IST | 1 min read
सीएम भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आम आदमी पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 जुलाई को कहा कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य में निजी स्कूलों में शुल्क बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तक सीमित रखने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी सरकार निजी स्कूलों द्वारा लिये जाने वाले अत्यधिक और कई प्रकार के शुल्क पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम मान ने कहा कि राज्यपाल ने पंजाब गैर सहायता प्राप्त संस्थान विनियमन (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया, “हमने मंत्रिमंडल में एक अध्यादेश लाया था, जिसे राज्यपाल के पास भेजा गया था। इसे मंजूरी प्रदान करने के लिए हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं।”
उन्होंने कहा कि अमृतसर में हुई दुखद घटना के बाद निजी स्कूलों के मनमाने तरीके से शुल्क बढ़ाने के संबंध में कई अभिभावकों ने उन्हें फोन किए थे। पिछले महीने, अमृतसर में 17 साल की एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि स्कूल ने बकाया शुल्क को लेकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया था।
Also readश्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 और सीट बढ़ेंगी, एनएमसी ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अफसोस की बात है कि शिक्षा को एक कारोबार बना दिया गया है और कई अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा शुल्क में भारी बढ़ोतरी की शिकायत लेकर मेरे पास आते हैं। मान ने कहा कि उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आम आदमी पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
मान ने बताया, कुछ अभिभावकों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी स्कूलों ने परिवहन शुल्क लिया था। मान ने कहा कि उन्होंने मुझे बताया कि निजी स्कूल कई तरह के शुल्क लेते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ शुल्क तो भवन शुल्क, वोकेशनल टूर, स्विमिंग पूल शुल्क और अन्य तरह के शुल्क के रूप में लिए जाते हैं।