डीयू ने कार्यक्रमों में गुलदस्ते, स्मृति चिह्न दिए जाने पर लगाई रोक; अंगवस्त्रम, फलों की टोकरी की अनुमति दी
Press Trust of India | October 1, 2025 | 08:17 AM IST | 1 min read
अनावश्यक व्यय पर अंकुश लगाने के लिए विश्वविद्यालय ने सुझाव दिया है कि केवल फूलों की माला, अंगवस्त्रम (स्टोल) या फलों की टोकरी ही भेंट करें।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने अपने कॉलेजों के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए एक नया प्रोटोकॉल शुरू करते हुए फूलों के गुलदस्ते, स्मृति चिह्न और उपहार में दी जाने वाली अन्य वस्तुओं के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अनावश्यक व्यय पर अंकुश लगाने के लिए विश्वविद्यालय ने सुझाव दिया है कि आयोजक समारोह के दौरान केवल फूलों की माला, अंगवस्त्रम (स्टोल) या फलों की टोकरी ही भेंट करें।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा यह अधिसूचना 26 सितंबर को जारी की गई। इसमें यह भी अनिवार्य किया गया है कि ऐसे आयोजनों में दिए जाने वाले फल सरकारी स्कूलों या अनाथालयों में वंचित बच्चों के बीच वितरित किए जाएं।
अधिसूचना के अनुसार, "किसी भी गणमान्य व्यक्ति/अतिथि के स्वागत या अभिनंदन के लिए फूलों के गुलदस्ते, स्मृति चिन्ह या किसी अन्य उपहार का उपयोग नहीं किया जाएगा; इसके बजाय माला, अंगवस्त्र या फलों की टोकरी दी जा सकती है।"
इसमें कहा गया, "आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कार्यक्रम के बाद उपहार में दिए गए फलों को आस-पास के क्षेत्र के वंचित बच्चों में मुख्यत: किसी अनाथालय या सरकारी स्कूल में वितरित करें।"
यह कदम डीयू के उस प्रयास का हिस्सा है, "जिससे किसी भी स्मृति कार्यक्रम, सेमिनार, सम्मेलनों सहित शैक्षणिक आयोजनों के बाद संसाधनों की बचत हो सके।" सभी विश्वविद्यालय, कॉलेजों और संबद्ध संस्थानों द्वारा इन उपायों को तत्काल लागू किया जाना है।
अगली खबर
]यूजीसी ने पब्लिक सेल्फ-डिस्क्लोजर डिटेल्स वेबसाइट पर न अपलोड करने पर 54 निजी यूनिवर्सिटीज को जारी किया नोटिस
जून 2024 में जारी इन दिशानिर्देशों के अनुसार, विश्वविद्यालयों को अपनी वेबसाइटों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने को कहा गया। इसमें कहा गया कि यह जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए और इसके लिए लॉगिन या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
Santosh Kumar | 1 min readविशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार