Re-NEET UG 2026: टीम भारत ने मिलकर कराई नीट पुन: परीक्षा, एनटीए ने जारी किया बयान

Saurabh Pandey | June 22, 2026 | 04:00 PM IST | 2 mins read

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को देश-विदेश के 5,454 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए नीट यूजी री-एग्जाम का सफल आयोजन किया गया।

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एनटीए ने उन सभी शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों का भी आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने के लिए अपना व्यक्तिगत समय दिया। (प्रतीकात्मक- फ्रीपिक)

नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को देश और विदेश के कई केंद्रों पर आयोजित हुई नीट यूजी 2026 री-एग्जाम को लेकर एक आधिकारिक बयान 'टीम एनटीए, टीम भारत' जारी किया है। एनटीए के अनुसार, इस ऐतिहासिक परीक्षा को सफल बनाने के लिए केवल एजेंसी ने ही नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रशासनिक मशीनरी (टीम भारत) ने मिलकर काम किया है।

भारत के 5,440 केंद्रों और देश के बाहर 14 केंद्रों पर कुल 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने 13 अलग-अलग भाषाओं में यह परीक्षा दी। एनटीए ने इस पूरी परीक्षा के सफल आयोजन को 'निष्पक्ष अवसर, नई शुरुआत' नाम दिया है।

एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 20 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार, एक परीक्षा, देश का पूरा प्रशासनिक तंत्र - मंत्री, अफ़सर, पुलिस, ज़िला और स्थानीय प्रशासन सब एक दिन के लिए एकजुट हुए, ताकि हर उम्मीदवार आराम से बैठकर परीक्षा दे सके।

  • Team NTA, Team Bharat, One exam, delivered together.
  • A Fair Chance, A Fresh Start. निष्पक्ष अवसर, नई शुरुआत

एनटीए द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, परीक्षा के दौरान हर एक उम्मीदवार की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। इस परीक्षा में 10,000 से अधिक दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार शामिल हुए। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों या मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे लगभग 81 छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इनमें सड़क हादसे का शिकार हुआ एक छात्र और कीमोथेरेपी करा रहा एक कैंसर पीड़ित बच्चा भी शामिल था, जिन्होंने सालों की मेहनत को बेकार न जाने देने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ परीक्षा दी।

सीसीटीवी और जैमर्स की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी

नीट यूजी पुनर्परीक्षा में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए थे

  1. बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: सभी केंद्रों पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया लागू की गई थी।
  2. टू-लेयर फ्रिस्किंग: राज्य पुलिस के सहयोग से उम्मीदवारों की दो-स्तरीय सुरक्षा जांच (Frisking) की गई और केंद्रों पर जैमर्स लगाए गए थे।
  3. कंट्रोल रूम: सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ सभी राज्यों, 34 केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों (CFIs) और जिला कलेक्ट्रेट में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए थे।

रिकॉर्ड 37 दिनों में 7 लाख अधिकारियों ने मिलकर किया काम

इस विशाल परीक्षा को आयोजित करने के लिए भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, जैसे- गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय वायु सेना (IAF), डाक विभाग और प्रमुख बैंकों (SBI, PNB, Canara, UCO) ने मिलकर सहयोग किया। इस परीक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस टीमों, ऑब्जर्वर्स और परीक्षा स्टाफ सहित लगभग 7 लाख अधिकारियों को मैदान में उतारा गया और यह पूरी तैयारी रिकॉर्ड 37 दिनों के भीतर पूरी की गई।

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कई राज्य सरकारों ने आगे बढ़कर छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों पर छांव, पानी, भोजन, एम्बुलेंस और मुफ्त परिवहन (Free Transportation) जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराईं । एनटीए ने उन सभी शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों का भी आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने के लिए अपना व्यक्तिगत समय दिया

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