Saurabh Pandey | June 22, 2026 | 10:13 AM IST | 2 mins read
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सरकारी एमबीबीएस सीट के लिए सामान्य वर्ग का संभावित कट-ऑफ 610 से 625+ और एससी कैटेगरी का सुरक्षित स्कोर 500 से 530+ मार्क्स के बीच रहने का अनुमान है।
Download the NEET Most Scoring Chapters and Topics PDF based on the past 5 years’ analysis. Focus on high-weightage topics and boost your NEET preparation.
Download EBook
नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की गई री-नीट 2026 परीक्षा संपन्न होने के बाद अब देश भर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की नजरें संभावित कट-ऑफ पर टिकी हैं। परीक्षा देकर निकले छात्रों और देश के शीर्ष कोचिंग संस्थानों के एक्सपर्ट्स के शुरुआती फीडबैक के आधार पर इस बार का पेपर काफी संतुलित लेकिन वैचारिक गहराई (Conceptual Depth) वाला रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के इस बदले हुए ट्रेंड का सीधा असर इस साल की ऑल इंडिया रैंक (AIR) और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की कट-ऑफ पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं क्या कहता है इस बार का विस्तृत पेपर एनालिसिस और क्या रहने वाली है संभावित कट-ऑफ-
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, री-नीट 2026 का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल 'मॉडरेट' (Moderate) यानी मध्यम स्तर का था। मुख्य नीट परीक्षा की तुलना में इस बार का पेपर अधिक गंभीर छात्रों को फायदा पहुंचाने वाला रहा-
बायोलॉजी (Biology): बॉटनी और जूलॉजी दोनों ही सेक्शन पूरी तरह से एनसीईआरटी (NCERT) के सिलेबस पर आधारित थे। पेपर स्कोरिंग था, लेकिन कुछ प्रश्न 'कथन और कारण' (Assertion-Reason) और मैच मेकिंग वाले थे, जिन्होंने छात्रों का थोड़ा समय लिया।
केमिस्ट्री (Chemistry): केमिस्ट्री का सेक्शन संतुलित रहा। आर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री से सीधे तौर पर सवाल पूछे गए, जबकि फिजिकल केमिस्ट्री के कुछ सवाल थोड़े कैलकुलेटिव थे। ओवरऑल इसे आसान से मध्यम स्तर का माना जा रहा है।
फिजिक्स (Physics): हर बार की तरह फिजिक्स ने इस बार भी छात्रों को थोड़ा छकाया। सेक्शन में फॉर्मूला-बेस्ड सवालों के साथ-साथ वैचारिक (Conceptual) और ट्रिकी न्यूमेरिकल की संख्या अधिक थी। जिन छात्रों की थ्योरी और कैलकुलेशन मजबूत थी, वे इसमें बेहतर स्कोर कर पा रहे हैं।
| कैटेगरी | संभावित सुरक्षित स्कोर (720 में से) | स्थिति और विश्लेषण |
| सामान्य वर्ग (General / UR) | 610 - 625+ | शीर्ष कॉलेजों के लिए 640+ की आवश्यकता होगी, लेकिन सामान्य सरकारी सीट 610+ पर मिलने की उम्मीद है। |
| ओबीसी (OBC) | 605 - 618+ | सामान्य वर्ग के बेहद करीब। इस कैटेगरी में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। |
| ईडब्ल्यूएस (EWS) | 600 - 612+ | ओबीसी और जनरल से कुछ ही अंकों का अंतर रहने का अनुमान है। |
| अनुसूचित जाति (SC) | 500 - 530+ | स्टेट कोटा में 480+ पर भी चांस बन सकते हैं, लेकिन ऑल इंडिया कोटा के लिए 500+ सुरक्षित रहेगा। |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 470 - 495+ | एसटी कैटेगरी के छात्रों के लिए 480 से ऊपर का स्कोर एक बेहतरीन सरकारी सीट दिला सकता है। |
पिछले कुछ समय में मेडिकल परीक्षाओं में एक ही मार्क्स पर हजारों छात्रों के आ जाने की समस्या देखी जा रही थी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार के री-नीट पेपर का स्तर जिस तरह से थोड़ा ट्रिकी और कॉन्सेप्चुअल रखा गया है, उससे बहुत ज्यादा हाई-स्कोरिंग ट्रेंड पर लगाम लग सकती है। फिजिक्स और केमिस्ट्री के घुमावदार सवालों के कारण एक समान नंबरों पर छात्रों की भीड़ पिछले मुकाबले थोड़ी कम रह सकती है, जो कि गंभीर तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर है।