Santosh Kumar | July 30, 2026 | 09:57 AM IST | 3 mins read
अधिकारियों ने नड्डा को बताया कि नीट-यूजी काउंसलिंग में प्रौद्योगिकी आधारित और छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद दाखिला प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) के अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) और उसके अंतर्गत आने वाली अन्य सीट पर काउंसलिंग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नड्डा ने अभ्यर्थियों के लिए सुगम प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को मजबूत तकनीकी सहायता व्यवस्था बनाए रखने और शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नड्डा ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान काउंसलिंग पोर्टल का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों ने नड्डा को बताया कि नीट-यूजी काउंसलिंग में प्रौद्योगिकी आधारित और छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद दाखिला प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि एक बार की भौतिक रिपोर्टिंग व्यवस्था की शुरुआत एक प्रमुख सुधार है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार संस्थानों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
इसमें बताया गया है कि सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थी या तो आवंटित सीट को 'फ्रीज' कर सकते हैं या फिर बेहतर सीट पाने के लिए 'फ्लोट' विकल्प चुन सकते हैं। 'फ्रीज' विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा।
'फ्लोट' विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थी ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन समेत प्रवेश से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करने, दस्तावेज जमा करने या प्रवेश शुल्क भरने की जरूरत नहीं होगी।
इसमें कहा गया है कि अगले दौर की काउंसलिंग में शामिल होने के दौरान उनका अस्थायी प्रवेश मान्य रहेगा। बयान के मुताबिक, सीट अपग्रेड करने की सुविधा एमसीसी नीट 2026 काउंसलिंग के तीसरे दौर तक उपलब्ध रहेगी।
राउंड 3 के बाद जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हो चुकी होगी, उन्हें दस्तावेजों के सत्यापन, प्रवेश शुल्क जमा करने और संस्थान से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए संबंधित संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा।
संस्थान में एक बार रिपोर्टिंग, मूल दस्तावेजों के एक बार सत्यापन और प्रवेश शुल्क एक बार जमा करने की व्यवस्था की गई है, जिससे अनावश्यक यात्रा की जरूरत नहीं पड़ेगी, प्रवेश प्रक्रिया सरल बनेगी और अभ्यर्थियों को आसानी होगी।
बयान में कहा गया है कि इस साल नीट-यूजी काउंसलिंग में ऑनलाइन सीट छोड़ने की सुविधा भी प्रदान की गई है। जिन अभ्यर्थियों को अपनी आवंटित सीट छोड़नी होगी, वे एमसीसी काउंसलिंग पोर्टल के जरिये ऑनलाइन ऐसा कर सकेंगे।
सीट छोड़ने के लिए अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं होगी, जब तक कि सूचना पुस्तिका में कोई अलग निर्देश न दिया गया हो या एमसीसी की ओर से अलग से कोई सूचना जारी न की गई हो।
देशभर में निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी किए जाने वाले प्रमाण-पत्र को अब 'पात्रता प्रमाण-पत्र' के नाम से जाना जाएगा।
एनआरआई अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण अब तय पात्रता के अनुसार पूरी तरह से ऑनलाइन काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे, पहले ये दस्तावेज ईमेल के जरिये जमा किए जाते थे।
अभ्यर्थियों की मदद के लिए चौबीसों घंटे चलने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-102-7637) शुरू की गई है। इसमें कहा गया है कि अभ्यर्थियों की चिंताओं के तुरंत समाधान के लिए ईमेल-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली भी बनाई गई है।