Santosh Kumar | July 30, 2026 | 08:05 AM IST | 1 min read
आयोग ने कहा कि यह इकाई बेंचमार्क दिव्यांगता वाले छात्रों के लिए 'संपर्क का एकमात्र केंद्र' होगी। यह इकाई उचित सुविधाओं, शैक्षणिक और क्लिनिकल सहायता उपायों तक पहुंच आसान बनाएगी।

नई दिल्ली: नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसर में 'बेंचमार्क विकलांगता' वाले लोगों के लिए एक सपोर्ट यूनिट बनाएं। इसका मकसद छात्रों के लिए समावेशी शिक्षा, उचित सुविधाएं और बिना किसी बाधा के पहुंच सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने 27 जुलाई को जारी एक प्रपत्र में कहा कि यह निर्देश 'दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016' के पालन और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत जारी किया गया है।
आयोग ने कहा कि यह इकाई बेंचमार्क दिव्यांगता वाले छात्रों के लिए 'संपर्क का एकमात्र केंद्र' होगी। यह इकाई उचित सुविधाओं, शैक्षणिक और क्लिनिकल सहायता उपायों तक पहुंच आसान बनाएगी।
यह पढ़ाई के दौरान दिव्यांगता-विशिष्ट सुविधाओं के लिए अनुरोध प्राप्त करेगी और उन पर कार्रवाई करेगी तथा सहायता उपायों को समय पर लागू करने के लिए दिव्यांगता मूल्यांकन बोर्डों और अन्य अधिकारियों के साथ समन्वय करेगी।
साथ ही, इस यूनिट की भूमिका और संपर्क की जानकारी छात्रों को एडमिशन के समय, इंस्टीट्यूट की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में निर्देश एनएमसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के कड़े विरोध और नारेबाजी के बीच सदन में यह विधेयक पेश किया। विधेयक पारित होने के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नतीजों की घोषणा की और कल सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी है।
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