Santosh Kumar | July 29, 2026 | 03:58 PM IST | 2 mins read
एंटी-पेपर लीक बिल में कड़ी सजा का प्रावधान है। अकेले अपराध करने पर 5 से 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि संगठित गिरोहों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

नई दिल्ली: लंबी बहस और भारी हंगामे के बीच लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को ध्वनि मत से पास कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के कड़े विरोध और नारेबाजी के बीच सदन में यह विधेयक पेश किया। विधेयक पारित होने के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नतीजों की घोषणा की और कल सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी है।
एंटी-पेपर लीक बिल में कड़ी सजा का प्रावधान है। अकेले अपराध करने पर 5 से 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि संगठित गिरोहों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
इसका मकसद 60 दिनों के अंदर जांच और 3 महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना है; इसके लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। सरकार ने बिल को जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "आज मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में संसद में बैठने की हिम्मत नहीं है। मैंने उनका काफिला देखा और वह कार के अंदर बैठे, कांपते हुए देखा।"
उन्होंने पूछा, "गृह मंत्री यहां क्यों नहीं हैं? वह डरे हुए हैं। गृह मंत्री डरे हुए हैं; उन्हीं ने हमारे छात्रों पर गोली चलाने की इजाजत दी। उन्होंने ही हमारे छात्रों के शरीर में पेलेट्स घुसवाए; उन्हीं ने भारत के छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।"
राहुल गांधी के प्रश्नों का जवाब देते हुए लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "कोई गोली नहीं चलाई गई; आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास है, मंत्री के पास नहीं..."
यह संशोधन मौजूदा 2024 के कानून को मजबूत बनाता है। इसमें राज्य-स्तरीय परीक्षाओं को इसके दायरे में लाने के प्रावधान शामिल हैं। इसका मकसद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। अब इस बिल को राज्यसभा भेजा जाएगा।