Saurabh Pandey | July 27, 2026 | 04:32 PM IST | 2 mins read
सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए द्वारा उम्मीदवारों को दिए ग्रेस मार्क्स को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब तमाम उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जिन्हें इसके रद्द होने की उम्मीद थी।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रही सुनवाई के बीच एक अहम फैसला दिया है। अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए की तरफ से अभ्यर्थियों को दिए गए ग्रेस मार्क्स को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद उन लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की उम्मीदों पर विराम लग गया है, जो इस मामले में दोबारा मूल्यांकन और संशोधित मेरिट सूची जारी करने की मांग कर रहे थे।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया था। याचिकाकर्ताओं ने एनटीए की तरफ से दिए गए ग्रेस अंकों को मनमाना बताते हुए इन्हें तुरंत रद्द करने की अपील की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया, जिससे एनटीए को बड़ी राहत मिली है।
याचिका में सीधे तौर पर एनटीए की तरफ से दिए गए ग्रेस मार्क्स को निशाने पर लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि परीक्षा में दिए गए कई उत्तर NCERT की किताबों के हिसाब से सही नहीं थे। इसके बावजूद अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दे दिए गए, जो अनुचित है। याचिका में मांग की गई थी कि इन कथित मनमाने ग्रेस अंकों को तुरंत निरस्त किया जाए और बिना ग्रेस मार्क्स के एक नई और रिवाइज्ड मेरिट सूची प्रकाशित की जाए।
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से याचिका खारिज किए जाने का मतलब है कि अब NEET UG के रिजल्ट और मेरिट सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जो मेरिट लिस्ट पहले से तय है, वही अंतिम मानी जाएगी. इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है जो अपनी मौजूदा रैंक से संतुष्ट थे और काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ, याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ है।
जो उम्मीदवार नीट यूजी परीक्षा में पास हुए हैं और एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे शेड्यूल जारी होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर देख सकेंगे।
Santosh Kumar