Santosh Kumar | July 29, 2026 | 11:16 PM IST | 2 mins read
28 जुलाई के पत्र में कहा गया, "एमसीसी और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से यूजी और पीजी मेडिकल एडमिशन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग सॉफ्टवेयर और प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।"
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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया में कई सुधार किए हैं, ताकि एडमिशन की प्रक्रिया को छात्रों के अनुकूल बनाया जा सके। बदले हुए नियमों के तहत, सीट अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के लिए कॉलेज में जाकर रिपोर्ट करना (फिजिकल रिपोर्टिंग) अब जरूरी नहीं होगा और उन्हें अलॉट की गई सीटों से ऑनलाइन इस्तीफा देने की भी अनुमति होगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, को लिखे पत्र में, स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विनोद कोटवाल ने बताया कि नीट यूजी 2026 काउंसलिंग जल्द ही शुरू होने वाली है और नए बदलावों की जानकारी दी।
28 जुलाई के पत्र में कहा गया, "एमसीसी और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से यूजी और पीजी मेडिकल एडमिशन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग सॉफ्टवेयर और प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।"
अब, जिन उम्मीदवारों को सीटें अलॉट की जाएंगी और जो बाद के राउंड में अपग्रेड का विकल्प चुनेंगे, उन्हें एडमिशन की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अलॉट किए गए कॉलेजों में जाकर रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं होगी।
पत्र में कहा गया, "लागू काउंसलिंग नियमों के अधीन, बाद के राउंड में भाग लेने के दौरान काउंसलिंग सिस्टम में उनका एडमिशन मान्य रहेगा।" बता दें कि अब से, एमसीसी ने ऑनलाइन इस्तीफ़ा देने की सुविधा भी शुरू की है।
उम्मीदवार पोर्टल के माध्यम से अलॉट की गई सीट से इस्तीफ़ा दे सकेंगे - जहां भी काउंसलिंग नियमों के तहत और तय डेट के भीतर इसकी अनुमति हो। इसके लिए उन्हें अलॉट किए गए संस्थान में जाकर इस्तीफ़ा देने की ज़रूरत नहीं होगी।"
पत्र में आगे कहा गया कि डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एनआरआई आरक्षण चाहने वाले उम्मीदवार "काउंसलिंग पोर्टल पर अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।" मंत्रालय ने बताया कि मई और जून में प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए गए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी कहा कि वे सुनिश्चित करें कि सीटों की संख्या और संस्थानों द्वारा ली जाने वाली फीस की जानकारी उम्मीदवारों को आसानी से मिल सके।
पत्र में कहा गया, "अधिकतर सीटें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के पास हैं, इसलिए यह जरूरी है कि सीटों की संख्या और संस्थानों द्वारा ली जाने वाली फीस की जानकारी उम्मीदवारों को आसानी से उपलब्ध हो।
उम्मीदवारों के फ़ायदे के लिए इस जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। साथ ही, नीट यूजी 2026 काउंसलिंग को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए सक्रिय सहयोग और समर्थन का भी आग्रह किया गया।