PSIT: उत्तर प्रदेश के कानपुर में छात्र की मौत के बाद निजी कॉलेज में भड़की हिंसा, तोड़फोड़ की घटना आई सामने
Press Trust of India | February 26, 2026 | 09:31 AM IST | 2 mins read
बीसीए छात्र प्रखर सिंह निर्माण कार्य में लगी जेसीबी मशीन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस सप्ताह की शुरुआत में अंतिम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद 25 फरवरी को प्राणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (PSIT) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और संस्थान को 8 मार्च तक बंद कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, रतनलाल नगर निवासी बीसीए के 22 वर्षीय छात्र प्रखर सिंह की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह करीब 10 बजे हजारों छात्र परिसर में एकत्र हुए। प्रखर सिंह सोमवार को कथित रूप से निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ने पर भीड़ के एक हिस्से ने कथित तौर पर कॉलेज परिसर के भीतर दरवाजों, खिड़कियों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। छात्रों का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ, जबकि कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि घटना संस्थान के बाहर हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) को तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की। एहतियातन दमकल वाहन और एंबुलेंस भी तैनात किए गए।
PSIT Student Death -
भीड़ को हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालांकि, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) ने लाठीचार्ज की खबरों से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधियों और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता हुई, जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनी है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर परिसर में पीएसी के जवान तैनात हैं।
अगली खबर
]GATE 2026 Answer Key Objection Window: गेट आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू, अंतिम तिथि 28 फरवरी
गेट स्कोर का उपयोग मेडिकल इंजीनियरिंग, एमटेक, एमएस और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नौकरियों और सीएसआईआर प्रयोगशालाओं जैसी अनुसंधान फैलोशिप के लिए किया जाता है।
Abhay Pratap Singh | 2 mins readविशेष समाचार
]- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी
- Coaching Reforms: कक्षा 11 के स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं कराने की संभावना तलाश रहा केंद्र, अधिकारी ने दी जानकारी
- MP School News: मध्य प्रदेश में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3,660 करोड़ रुपये स्वीकृत, मंत्री ने की घोषणा
- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन