NEET Paper Leak: ‘एनटीए ने पहले हुए नीट पेपर लीक से सबक नहीं सीखा’ - याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए एससी

Press Trust of India | May 25, 2026 | 03:40 PM IST | 2 mins read

शीर्ष अदालत ने एफएआईएमए द्वारा वकील तन्वी दुबे के माध्यम से दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह सभी समान मामलों को एक साथ नत्थी कर रहा है।

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पीठ ने कहा, दुखद है कि उन्होंने (एनटीए) सबक नहीं सीखा है। यह मामला पहले भी इस अदालत में आया था। (इमेज-आधिकारिक वेबसाइस/सुप्रीम कोर्ट)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (SC) ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पहले हुए नीट पेपर लीक से सबक नहीं सीखा है। साथ ही न्यायालय ने केंद्र, एनटीए और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए परीक्षा एजेंसी की जगह एक मजबूत और स्वायत्त निकाय स्थापित करने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर जवाब मांगा है।

Supreme Court NTA Notice -

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाओं की प्रति अन्य पक्षों के अलावा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को भी दी जाए। न्यायालय ने नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार एनटीए को 2024 में अदालत द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन पर बृहस्पतिवार तक एक हलफनामा दाखिल करने को कहा।

एनटीए ने सबक नहीं सीखा -

पीठ ने कहा, “दुखद है कि उन्होंने सबक नहीं सीखा है। यह मामला पहले भी इस अदालत में आया था। एक समिति, एक निगरानी समिति गठित की गई थी जिसने कुछ सिफारिशें की थीं और उन्हें स्वीकार कर लिया गया था। हम चाहते हैं कि एनटीए समिति द्वारा सुझाई गई सिफारिशों के अनुपालन के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करे।”

शीर्ष अदालत ने फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) द्वारा वकील तन्वी दुबे के माध्यम से दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह सभी समान मामलों को एक साथ नत्थी कर रहा है।

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Supreme Court on NEET Paper Leak -

न्यायालय ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली केंद्र द्वारा नियुक्त समिति को एनटीए के कामकाज में सुधार करने और उसके निर्देशों के अनुपालन के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देने का निर्देश दिया।

चिकित्सा संस्था ने बार-बार पेपर लीक होने के कारण 22.7 लाख से अधिक छात्रों के मौलिक अधिकारों पर “सीधे सीधे हमला होने” का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत से सीधे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया और एनटीए के पुनर्गठन या उसके स्थान पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के संचालन के लिए एक मजबूत और स्वायत्त प्रणाली की स्थापना की मांग की है।

NTA NEET Controversy -

याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि जब तक पुन: परीक्षा की देखरेख के लिए औपचारिक रूप से एक नयी समिति का गठन नहीं हो जाता तब तक एक उच्चस्तरीय निगरानी समिति नियुक्त की जाए।

याचिका में कहा गया है कि समिति में अध्यक्ष के रूप में उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और फोरेंसिक वैज्ञानिक शामिल होने चाहिए, ताकि आगे कोई और डेटा लीक न हो। चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा तीन मई को आयोजित नीट-यूजी की परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बीच इसे 12 मई को रद्द कर दिया गया था, जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है।

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