NALSAR की कार्यकारी परिषद करेगी जांच रिपोर्ट देने पर फैसला; बीसीआई प्रमुख मनन मिश्रा का सीजेपी को संदेश
Santosh Kumar | August 14, 2026 | 10:30 AM IST | 2 mins read
यूनिवर्सिटी अब जांच की संवैधानिक वैधता पर विचार करने के लिए यह मामला एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सामने रखेगी। काउंसिल से बातचीत के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फैसले के बारे में जानकारी दी जाएगी।
नई दिल्ली: हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (नालसर) यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों से जुड़े विवाद में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर, प्रोफेसर श्रीकृष्ण देवा राव ने साफ किया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा मांगी गई जांच रिपोर्ट पर यूनिवर्सिटी की एग्जिक्यूटिव काउंसिल ही अंतिम फैसला लेगी। नालसर के वीसी की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया है।
वाइस-चांसलर श्रीकृष्ण देव राव की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी की एग्जिक्यूटिव काउंसिल इस बात की जांच करेगी कि क्या ऐसी जांच करना यूनिवर्सिटी की कानूनी शक्तियों और गवर्नेंस के नियमों के अनुरूप है।
NALSAR University: तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नालसर के लगभग 450 छात्रों ने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को बुलाए जाने का विरोध किया और उनसे अपनी डिग्रियां लेने पर आपत्ति जताई।
इसके बाद, 13 अगस्त को शाम करीब 7:20 बजे, बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने सभी स्टेट बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि वे नालसर के 2026 बैच के किसी भी छात्र को वकील के तौर पर एनरोल न करें।
हालांकि, कुछ ही देर बाद, रात करीब 8:45 बजे यह फैसला वापस ले लिया गया, लेकिन यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया गया कि वह इसमें शामिल छात्रों और आयोजकों की पहचान करे और 3 दिनों के भीतर एक जांच रिपोर्ट सौंपे।
BCI Chairman VS NALSAR: एग्जिक्यूटिव काउंसिल करेगी फैसला
यूनिवर्सिटी अब जांच की संवैधानिक वैधता पर विचार करने के लिए यह मामला एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सामने रखेगी। काउंसिल से बातचीत के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फैसले के बारे में जानकारी दी जाएगी।
यूनिवर्सिटी इस बात पर विचार करेगी कि क्या ऐसी जांच करना उसकी शक्तियों का संवैधानिक इस्तेमाल होगा। यूनिवर्सिटी की मदद के लिए, इस आकलन को उसकी एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सामने रखा जाएगा।
BCI प्रमुख मनन मिश्रा का सीजेपी को संदेश
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "बार बीसीआई का मकसद भारत के युवाओं के हितों की रक्षा करना है। मैं अभिजीत दिपके और सौरव दास तक यह बात पहुंचाना चाहता हूं कि हमारे हित एक हैं।"
इस पूरे मामले में, कॉकरोच जनता पार्टी ने बीसीआई और उसके चेयरमैन मनन मिश्रा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। प्रवक्ता सौरव दास ने बीसीआई द्वारा एक साल में मीटिंग और कॉन्फ्रेंस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च करने पर सवाल उठाए।
दास और सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल अब समाप्त होना चाहिए। गौरतलब है कि मनन कुमार मिश्रा 2012 से बीसीआई प्रमुख हैं; वे बीजेपी के राज्यसभा सांसद भी हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई