'विदेशी छात्रों के लिए नए नियम और प्रक्रियाएं' विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Santosh Kumar | October 16, 2025 | 03:57 PM IST | 2 mins read
कुलपति ने उच्च शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीयकरण के महत्व और बढ़ते विदेशी छात्र समुदाय को सहयोग देने के लिए डीयू की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के विदेशी छात्र रजिस्ट्री ने वाइस-रीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में "विदेशी छात्रों के लिए नए नियम और प्रक्रियाएं" विषय पर एक इंटरैक्टिव जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने की और मुख्य अतिथि के रूप में उप निदेशक/विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) दीपक यादव, आईपीएस उपस्थित हुए।
15 अक्टूबर की शाम को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के हितधारकों को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश, पंजीकरण और समग्र प्रशासन से संबंधित नवीनतम अपडेट और नियामक परिवर्तनों से अवगत कराना था।
सभी हितधारकों के लिए लाभदायक होगा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए डीयू की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
कुलपति ने उच्च शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीयकरण के महत्व और बढ़ते विदेशी छात्र समुदाय को सहयोग देने के लिए डीयू की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। कुलपति ने कहा कि यह आयोजन इसमें भाग लेने वाले सभी हितधारकों के लिए लाभदायक होगा।
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मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्य अतिथि दीपक यादव, आईपीएस ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा, हम भारतीय विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या देखेंगे।
उन्होंने विदेशी छात्रों के लिए नए नियमों और प्रक्रियाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें पंजीकरण औपचारिकताओं, वीज़ा नियमों, छात्रावास औपचारिकताओं और अनुपालन आवश्यकताओं के बारे में बताया।
संकाय और प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हुए
उन्होंने हाल ही में अधिनियमित आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 और आव्रजन और विदेशी नियम, 2025 पर जोर दिया। उन्होंने छात्र वीजा की विभिन्न श्रेणियों का वर्णन किया और अधिनियम के कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा की।
व्याख्यान के बाद एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जहां उपस्थित दर्शकों ने कई प्रश्न पूछे और विदेशी प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित शंकाओं पर जानकारी ली। इस कार्यक्रम में संकाय और प्रशासनिक कर्मचारी भी उपस्थित हुए।
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