Umar Khalid Case: उमर खालिद और शरजील को जमानत नहीं मिलने पर जेएनयू छात्रों ने मोदी, शाह के खिलाफ लगाए नारे
Press Trust of India | January 6, 2026 | 01:11 PM IST | 1 min read
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र 5 जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं।
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय परिसर के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए।
सोमवार रात हुए विरोध प्रदर्शन के कथित वीडियो के अनुसार, मोदी और शाह की निंदा करते हुए नारे लगाए गए। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र 5 जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं।
अदिति मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे। वे किसी को लक्ष्य करके नहीं लगाए गए थे।’’ इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
परिसर में 5 जनवरी, 2020 को उस समय हिंसा भड़क गई थी जब नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने परिसर में घुसकर तीन छात्रावासों में छात्रों को निशाना बनाया था और लाठियों, पत्थरों एवं लोहे की छड़ों से हमला कर खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिए।
परिसर में करीब दो घंटे तक अराजकता का माहौल रहा और इस दौरान जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे। परिसर में भीड़ के हिंसा करने के दौरान कार्रवाई न करने और परिसर में तोड़फोड़ से संबंधित दो प्राथमिकियों में घोष समेत छात्र संघ के नेताओं का नाम शामिल करने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना हुई थी।
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