महाराष्ट्र के स्कूलों में मराठी अनिवार्य, नियमों का उल्लंघन करने पर रद्द होगी मान्यता, मंत्री ने दी जानकारी

Press Trust of India | June 29, 2026 | 04:10 PM IST | 1 min read

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि महाराष्ट्र में सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा एक से 10 तक मराठी भाषा को अनिवार्य किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों को योग्य मराठी शिक्षक नियुक्त करने होंगे। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को कहा कि राज्यभर के सभी माध्यमों के स्कूलों में मराठी भाषा की पढ़ाई और इस विषय की परीक्षा कराना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने वाले शिक्षण संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि महाराष्ट्र में सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा एक से 10 तक मराठी भाषा को अनिवार्य किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों को योग्य मराठी शिक्षक नियुक्त करने होंगे। नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी। यदि कोई स्कूल प्रावधानों को लागू नहीं करता है तो पहले उसे उल्लंघन सुधारने के लिए कहा जाएगा।"

Also read यूपी में 'टीचर्स गाइडलाइन' जारी, भीषण गर्मी, लू से छात्रों को बचाने के लिए शिक्षकों को दी गई विशेष जिम्मेदारी

उन्होंने कहा, "यदि इसके बाद भी वह मराठी नहीं पढ़ाता है तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लगातार नियमों का पालन नहीं करने सरकारी निर्णय के तहत स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए भुसे ने स्पष्ट किया कि मराठी केवल कागजों पर अनिवार्य विषय बनकर नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, "हर कक्षा के लिए मराठी की परीक्षाएं निश्चित रूप से आयोजित की जाएंगी।"

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]