IIT Delhi: आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने स्वदेशी माइक्रो-ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट की विकसित

Abhay Pratap Singh | September 24, 2026 | 07:19 PM IST | 2 mins read

एक संयुक्त बयान में एमटेक विद्यार्थी आकाश और रवि तेजा ने कहा, हमें उम्मीद है कि ऐसे स्वदेशी हार्डवेयर सिस्टम किफायती डिजिटल-एक्सेस प्लेटफॉर्म को सपोर्ट कर सकते हैं और डिजिटल अंतर को कम करने में अहम योगदान दे सकते हैं।

आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ता प्रो जयदेव, एमटेक छात्र नम्मी आकाश, एम रवि तेजा और प्रो कौशिक साहा ने इस प्रोजेक्ट पर काम किया।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) के विद्युत इंजीनियरिंग विभाग के शोधकर्ताओं ने कार्यशील और प्रदर्शन योग्य स्वदेशी माइक्रो-ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (Micro-GPU) डिजाइन की है। माइक्रो-जीपीयू आर्किटेक्चर, एम्बेडेड अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी ग्राफिक्स और डिस्प्ले-प्रोसेसिंग सिस्टम को विकसित करने में मदद करेगा।

विद्युत इंजीनियरिंग विभाग के प्रो जयदेवा और प्रो कौशिक साहा के नेतृत्व में एमटेक छात्र नम्मी आकाश और एम रवि तेजा द्वारा संचालित इस प्रोजेक्ट में रजिस्टर ट्रांसफल लैंग्वेज (RTL) में बनाए गए और स्पार्टन-7 फील्ड प्रोग्रामेबल गेट ऐरे (FPGA) प्लेटफॉर्म पर मैप किए गए एक कस्टम फ्लोटिंग-पॉइंट GPU इंजन के माध्यम से प्रोग्रामेबल ग्राफिक्स रेंडरिंग का प्रदर्शन किया गया।

प्रेस रिलीज के अनुसार, यह हार्डवेयर आर्किटेक्चर एक स्केलेबल, प्रोग्रामेबल ग्राफिक्स प्रोसेसर IP है, जो कई तरह के एप्लीकेशन के लिए उपयुक्त है। इनमें इंडस्ट्रियल कंट्रोल डिस्प्ले, कम लागत वाले ह्यूमन-मशीन इंटरफेस, ई-रिक्शा डैशबोर्ड नेविगेटर, छोटी मछली पकड़ने वाली नावों के लिए इनलैंड-वॉटर नेविगेशन टर्मिनल, एजुकेशनल ई-बुक रीडर और अन्य किफायती एम्बेडेड विज़ुअलाइजेशन सिस्टम शामिल हैं। इसे सिलिकॉन ASIC या FPGA जैसे प्रोग्रामेबल हार्डवेयर पर मैप किया जा सकता है।

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एक संयुक्त बयान में आकाश और रवि तेजा ने कहा, “हमारा उद्देश्य एक ऐसा कॉम्पैक्ट लेकिन असल में प्रोग्रामेबल ग्राफिक्स-प्रोसेसिंग आर्किटेक्चर तैयार करना था, जिसे FPGA पर कार्यान्वित किया जा सके और और भविष्य में ASIC बनाने के लिए उपयुक्त हो। हमें उम्मीद है कि ऐसे स्वदेशी हार्डवेयर सिस्टम किफायती डिजिटल-एक्सेस प्लेटफॉर्म को सपोर्ट कर सकते हैं और डिजिटल अंतर को कम करने में अहम योगदान दे सकते हैं।”

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोजयदेव ने कहा कि यह काम किफायती और सामाजिक रूप से उपयोगी कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के लिए स्वदेशी प्रोग्रामेबल ग्राफिक्स हार्डवेयर की शैक्षिक और शोध क्षमता को दिखाता है, और स्टैंडर्ड FPGA बोर्ड पर इस डिजाइन को सफल बनाने के लिए कई इनोवेशन की जरूरत थी।

प्रोफेसर कौशिक साहा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट छात्रों को एक ही फ्रेमवर्क के अंदर अंकगणितीय हार्डवेयर, प्रोग्रामेबल आर्किटेक्चर, कंपाइलर और एम्बेडेड सिस्टम की सोच को एक साथ लाने के लिए प्रोत्साहित करता है। साथ ही, यह व्यापक स्तर पर प्रौद्योगिकी की सुलभता से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में भी सार्थक योगदान देती है।

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