Santosh Kumar | October 31, 2026 | 05:20 PM IST | 1 min read
निदेशालय ने सभी संस्थानों को पहले ही एरर सुधार कर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एपीआई शेड्यूल के द्वितीय चरण की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर तक इन 335 प्रशिक्षार्थियों का डेटा माइग्रेट नहीं हो सका।

नई दिल्ली: राजस्थान के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 2026-27 प्रवेश सत्र के लिए प्रशिक्षुओं के डेटा माइग्रेशन के संबंध में महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने बताया है कि राज्य भर के एनसीवीटी आईटीआई में सीटीएस योजना के तहत नामांकित 335 प्रशिक्षुओं का डेटा अभी तक एसआईडीएच पोर्टल पर माइग्रेट नहीं किया गया है। इस संबंध में आधिकारिक वेबसाइट पर एक एरर लिस्ट भी जारी की गई है।
निदेशालय ने सभी संस्थानों को पहले ही एरर सुधार कर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एपीआई शेड्यूल के द्वितीय चरण की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर तक इन 335 प्रशिक्षार्थियों का डेटा माइग्रेट नहीं हो सका।
फिलहाल डेटा माइग्रेशन का तीसरा चरण चल रहा है, इसकी अंतिम तिथि 2 नवंबर है। इस चरण के दौरान पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के लिए प्रति प्रशिक्षु ₹10 का जुर्माना लिया जा रहा है, साथ ही अंडरटेकिंग भी जमा करनी होगी।
यदि डेटा माइग्रेट होने के बाद भी कोई त्रुटि सामने आती है, तो जुर्माना और अंडरटेकिंग फिर से जमा करनी होगी। निदेशालय ने निर्देश दिया है कि यदि किसी प्रशिक्षार्थी का डेटा माइग्रेट किया जाना शेष है तो वे नोडल आईटीआई से संपर्क करें।
नोडल सरकारी आईटीआई को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशिक्षार्थियों से एकत्र की गई फीस को एक साथ जमा करें। जिस खाते में फीस जमा करनी है, उसका विवरण पोर्टल पर दिया गया है। जमा की गई सभी फीस की रसीदें साथ लगाना अनिवार्य है।
चौथा चरण 3 से 17 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान, डेटा माइग्रेशन के लिए प्रति प्रशिक्षु ₹100 का जुर्माना लगेगा। पांचवां चरण 18 नवंबर से 31 दिसंबर तक का होगा; इस चरण के दौरान प्रति प्रशिक्षु ₹1,000 का जुर्माना लगेगा।
विश्वविद्यालय के खेल विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। ये ट्रायल पहले तय कार्यक्रम के अनुसार आज होने थे, लेकिन खराब मौसम की स्थिति के चलते इन्हें टालना पड़ा। अधिकारियों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और मैदान की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
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