Global Quest Report 2024: केवल 9% भारतीय Gen Zs उद्यमिता अपनाना चाहते हैं - रिपोर्ट
Abhay Pratap Singh | August 8, 2024 | 06:59 PM IST | 3 mins read
ग्लोबल क्वेस्ट रिपोर्ट 2024 के अनुसार, 4 में से 1 छात्र का झुकाव नए युग की नौकरी के क्षेत्रों जैसे कंटेंट क्रिएशन, डेटा विश्लेषण, एआई और साइबर सुरक्षा की ओर अधिक है।
नई दिल्ली: वीवो समूह के सब-स्मार्टफोन ब्रांड iQOO ने साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) के साथ मिलकर जनरेशन जेड (Gen Zs) के सपनों, करियर और आकांक्षाओं के रुझानों पर अपनी पहली ग्लोबल क्वेस्ट रिपोर्ट 2024 जारी की है। इसमें 20 से 24 वर्ष की आयु के 6,700 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया है।
ग्लोबल क्वेस्ट रिपोर्ट 2024 विश्व के 7 देशों भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया के युवाओं से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
रिपोर्ट में तीन व्यापक क्षेत्रों Gen Zs क्वेस्टर्स की अपने सपनों को पूरा करने की भावना और प्रेरणा, बाधाएं और अवरोध जो उनके जुनून की खोज को बाधित करती हैं और उनकी रुचियों को प्रेरित करने वाले करियर विकल्प को शामिल किया गया है।
साइबरमीडिया रिसर्च (CRM) के साथ iQOO द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट एक मात्रात्मक मीट्रिक- क्वेस्ट इंडेक्स या “क्यूआई” के माध्यम से क्वेस्टर्स की प्रेरणा, जुनून और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। जिसमें भारत का QI 9.1 है। इसके बाद मलेशिया का क्यूआई 8.7, थाईलैंड और यूएसए का क्यूआई 8.2, इंडोनेशिया का क्यूआई 8.1, यूनाइटेड किंगडम का QI 8 और ब्राजील का क्यूआई 7.8 है।
प्राथमिक शोध में यह भी बताया गया है कि 62 प्रतिशत भारतीय युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने शौक और अन्य रुचियों को छोड़ने को तैयार हैं। रिपोर्ट के सभी निष्कर्ष इस बात पर आधारित हैं कि कैसे तस्वीरें खींचने वाले Gen Zs में किसी भी चीज के बावजूद अधिक हासिल करने की इच्छा होती है।
iQOO इंडिया के सीईओ निपुण मार्या ने कहा, “आज के युवाओं की विशेषता उनके साहसिक सपने और उन सपनों को साकार करने की अटूट इच्छा है। यह भावना हमारे ब्रांड दर्शन में निहित है: “मैं लगातार खोज करता हूं” और हम गर्व से इन भावुक और दृढ़ निश्चयी व्यक्तियों को खोजकर्ता (Questers) के रूप में संदर्भित करते हैं।
साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) के उद्योग अनुसंधान समूह के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा, “हमारी जटिल, डिजिटल रूप से संचालित दुनिया में आज के युवाओं को अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) में हम इन उभरते उपभोक्ता प्रतिमानों को समझने में सबसे आगे रहे हैं। यह शोध, एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के युवाओं की एक नई पीढ़ी के दृष्टिकोणों का पता लगाता है, जो उनकी मानसिकता और उनकी खोजों के बारे में अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।”
iQOO The Quest Report 2024: रिपोर्ट की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- भारतीय जनरेशन जेड के केवल 9 प्रतिशत लोग ही उद्यमिता अपनाना चाहते हैं, क्योंकि वे कार्य-जीवन में स्थिरता और सुरक्षा चाहते हैं।
- 19 प्रतिशत भारतीय स्टार्टअप के बजाय बड़े संगठनों में करियर की उन्नति पसंद करते हैं।
- 4 में से 1 भारतीय छात्र नए युग की नौकरी के क्षेत्रों जैसे डेटा विश्लेषण, एआई एवं साइबर सुरक्षा और कंटेंट क्रिएशन के प्रति अधिक इच्छुक हैं।
- भारत में 43 प्रतिशत तथा विश्व में 46 प्रतिशत उत्तरदाता अपने करियर में सफलता पाने के लिए कार्य-जीवन संतुलन को त्यागने को तैयार हैं।
- भारत में 10 में से 8 जनरेशन जेड का मानना है कि लैंगिक असमानता उनकी सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा है।
- 84 प्रतिशत भारतीय खोजकर्ताओं का मानना है कि उनकी नौकरियां उनके लक्ष्यों के अनुरूप हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 72 प्रतिशत है।
- 91 प्रतिशत भारतीय मानते हैं कि गैप ईयर उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद कर सकता है।
- 46 प्रतिशत लोगों को लगता है कि आर्थिक तंगी उनके करियर को आगे बढ़ाने में बाधा है। हालांकि, 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को भरोसा है कि वे बाधाओं के बावजूद अपने सपने को पूरा कर लेंगे।
- भारतीय युवा मेहनती हैं, वे अपने वैश्विक समकक्षों की तुलना में दोगुनी पहल करते हैं।
- 65 प्रतिशत लोग असफलता को सीखने का अवसर मानते हैं और 60 प्रतिशत का मानना है कि यह उन्हें उनके सपनों की ओर ले जाती है
- 51 प्रतिशत खोजकर्ताओं ने कहा कि वे अपनी खोज को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहेंगे, जबकि 32 प्रतिशत का मानना था कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए संबंधित नौकरियां करनी चाहिए।
- 49 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन उनकी आकांक्षाओं को समर्थन देने का एक शक्तिशाली साधन है।
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