DU: अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026 में चौथे वर्ष के छात्रों ने रिसर्च प्रदर्शित की
Abhay Pratap Singh | April 23, 2026 | 06:55 PM IST | 2 mins read
यूजीआरईई 2026 के समापन अवसर पर 23 अप्रैल को इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेटर सेंटर के निदेशक प्रो अविनाश चंद्र पांडेय मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) द्वारा एनईपी 2020 के तहत ‘अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026’ (UGREE 2026) के तहत दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्प्ज हाल में किया गया। यूजीआरईई 2026 में कुल 480 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 387 के रिसर्च पोस्टर प्रदर्शित किए गए।
मौखिक भाषा में 48 और उद्यमिता में 45 विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया। 23 अप्रैल ,2026 को एग्जिबिशन के समापन अवसर पर इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेटर सेंटर के निदेशक प्रो अविनाश चंद्र पांडेय मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने पहली बार यूजी का चौथा वर्ष शुरू किया, जिसमें लगभग 60% छात्रों ने अपग्रेड किया। उन्होंने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह एग्जिबिशन उसी का परिणाम है और यह रिसर्च व नोवेशन का उत्सव है।
इस अवसर पर कुलपति ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष से एफवाईयूपी में आने वाले विद्यार्थियों के लिए डेजर्टेशन, उद्यमिता अकादमिक प्रोजेट आदि के लिए क्रेडिट 6 बढ़ाकर 10 किए जाएंगे तथा इलेक्टिव का एक पेपर कम किया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर अच्छे से फोकस कर सकेंगे।
इस अवसर पर प्रो अविनाश चंद्र पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत जब 4-वर्षीय स्नातक डिग्री (एफवाईयूपी) पर काम किया जा रहा था तो इसे लागू करने में दिल्ली विश्वविद्यालय आगे आया और रोल मॉडल बना। आज उसका परिणाम इस प्रदर्शनी के रूप में सामने है।
उन्होंने आगे कहा कि आज देश और दुनिया के सामने क्लाइमेट चेंज और नेट ज़ीरो जैसी चुनौतियां हैं, इनसे कैसे निपटा जाए, इस पर काम करने के लिए विद्यार्थी आगे आएं। प्रो अविनाश ने कहा कि जब हम सिलिकॉन वैली चला सकते हैं तो अपना क्वांटम प्रोग्राम क्यों नहीं! इसमें युवा भाग लें हम सहायता के लिए तैयार हैं।
अगली खबर
]PMIS: पीएम इंटर्नशिप स्कीम में अंतिम वर्ष के यूजी-पीजी छात्रों को किया गया शामिल, पात्रता में नए बदलाव जानें
प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (पीएमआईएस) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के युवाओं को व्यवस्थित और भुगतान वाले प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना है।
Abhay Pratap Singh | 2 mins readविशेष समाचार
]- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग