Abhay Pratap Singh | June 5, 2026 | 10:55 AM IST | 2 mins read
University of Liverpool Bengaluru Campus: लीवरपूल यूनिवर्सिटी बेंगलुरु परिसर में बिजनेस मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, गेम डिजाइन, फाइनेंस एंड बायोमेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में यूजी और पीजी प्रोग्राम पेश करेगा।

नई दिल्ली: यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिवरपूल विश्वविद्यालय (Liverpool University) को भारत में अपना पहला परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। विश्वविद्यालय बेंगलुरु में अपना कैंपस स्थापित करेगा। इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय ने 4 जून को आयोजित एक समारोह में लीवरपूल यूनिवर्सिटी को औपचारिक ‘अनुमोदन पत्र’ (Letter of Approval) सौंपा।
बेंगलुरु स्थित लीवरपूल विश्वविद्यालय में बिजनेस मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, गेम डिजाइन, फाइनेंस एवं बायोमेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) कार्यक्रम पेश करेगा। आने वाले वर्षों में और भी विषय शुरू करने की योजना है।
पीआईबी के अनुसार, यह एलओपी शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तथा यूजीसी के अध्यक्ष डॉ विनीत जोशी ने लिवरपूल विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के प्रोवोस्ट प्रोफेसर रिचर्ड ग्रोस को सौंपा। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और यूनाइटेड किंगडम की विदेश सचिव यवेट कूपर भी मौजूद रहीं।
इस कार्यक्रम में भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, सीबी ओबीई शामिल रहीं। भारत में लिवरपूल विश्वविद्यालय परिसर खुलने से द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिलने तथा छात्रों के लिए शैक्षिक अवसरों का विस्तार होने एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग गहरा होने की उम्मीद है।
लिवरपूल विश्वविद्यालय को 26 मई 2025 को यूजीसी (भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के कैंपस की स्थापना और संचालन) विनियम, 2023 के तहत अनुमोदन पत्र प्रदान किया गया था। पिछले एक वर्ष में विश्वविद्यालय ने सभी आवश्यक शैक्षणिक, बुनियादी ढांचा और विनियामक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इसके बाद, यूजीसी ने तैयारियों और नियमों के अनुपालन का मूल्यांकन कर विश्वविद्यालय को भारत में संचालन शुरू करने के लिए अनुमोदन पत्र (LOA) जारी किया। लिवरपूल यूनिवर्सिटी बेंगलुरु परिसर की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।