CBSE 12th Scanned Copy 2026: सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी से ली गई अधिक राशि लौटाएगा

Abhay Pratap Singh | May 24, 2026 | 03:26 PM IST | 2 mins read

सीबीएसई ने नोटिस में कहा कि 21 और 22 मई को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण कई मामलों में शुल्क संबंधी त्रुटियां सामने आई।

इस वर्ष ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत 98.6 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 24 मई (रविवार) को कहा कि कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से जिन छात्रों से अधिक शुल्क वसूला गया, उन्हें राशि वापस की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई से उन शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनमें छात्रों और अभिभावकों ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों की बात कही है।

सीबीएसई ने एक नोटिस में कहा कि 21 और 22 मई को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण कई मामलों में शुल्क संबंधी त्रुटियां सामने आई।

बोर्ड ने कहा, “कुछ मामलों में अधिक राशि वसूली गई, जबकि कुछ में कम शुल्क लिया गया।” सीबीएसई ने कहा कि जिन मामलों में अधिक भुगतान लिया गया है, उनमें “अतिरिक्त राशि उसी भुगतान माध्यम में वापस की जाएगी, जिससे शुल्क जमा किया गया था।”

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सीबीएसई ने कहा कि जिन मामलों में कम शुल्क लिया गया है, उनमें जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को शेष राशि जमा करने के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी और इसके लिए उन्हें फिर से आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।

सूत्रों के अनुसार बुधवार को शिक्षा मंत्री ने सर्वर डाउन होने, पेमेंट गेटवे में गड़बड़ी और प्रक्रिया के दौरान सामने आई अन्य तकनीकी खामियों पर संज्ञान लिया था।

सीबीएसई ने शनिवार को जारी बयान में कहा था कि वह सभी शिकायतों की जांच कर रहा है और समय-सीमा बढ़ाने तथा तकनीकी सुधार जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। बयान में कहा गया था, “अभिभावक और विद्यार्थी परेशान न हों। सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक चिंताओं का निष्पक्ष समाधान करना है।”

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