Santosh Kumar | July 9, 2026 | 06:05 PM IST | 2 mins read
वांगचुक ने अपील करते हुए कहा, ''अगर मैं कहूं कि 20 जुलाई को जब संसद का मानसून सत्र शुरू होगा तो मेरे साथ आप लोग भी जंतर-मंतर से संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च करें, अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो बहुत कुछ बदल सकते हैं।''

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने ऐलान किया कि वह मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेगी। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा का धरना 20वें दिन में प्रवेश कर गया। कॉजपा ने एक बयान में कहा कि मार्च जंतर-मंतर से शुरू होगा और 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।
पार्टी ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की। यह मार्च परीक्षा में कथित गड़बड़ी के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों को न्याय दिलाने, विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की मांग के लिए है।
साथ ही, यह मार्च केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए निकाला जाएगा। सोनम वांगचुक ने बुधवार रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में देश भर के लोगों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।
वांगचुक ने कहा, ''लोगों ने मुझे अनशन तोड़ने को कहा। यह मेरे लिए आसान है। लेकिन क्या रिया और आकांक्षा जैसे जिन 20 बच्चों ने आत्महत्याएं की हैं, क्या वह रुक जाएंगी? या फिर अगले साल 40 और फिर 80 बच्चे ऐसा ही कदम उठाएंगे?
उन्होंने कहा, "शायद आपको कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि रिया आपके घर से नहीं थी, आपकी बहन नहीं थी। हमारा सिस्टम कब सुधरेगा? फिलहाल तो मैं यह कह सकता हूं कि अगले 10-12 दिन मेरी सेहत को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
सोनम वांगचुक ने आगे कहा, ''मैं अभी मजबूत हूं। हालांकि कुछ दिन बाद मेरा स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। मगर अगर आप सच में चाहते हैं कि मैं जिंदा रहूं, तो फिर घर के सोफे से मुझे संदेश भेजने से थोड़ा ज्यादा आप हरकत कर सकते हैं।''
जलवायु कार्यकर्ता ने कहा, ''हम सब मिलकर कुछ कर सकते हैं ताकि यह सब न हो। और मैं सोच रहा हूं कि उसके लिए सबसे सही जगह है हमारी संसद जहां पर निर्णय लिये जाते हैं, बहस होती है, नीतियां बनती हैं।''
उन्होंने अपील करते हुए कहा, ''अगर मैं कहूं कि 20 जुलाई को जब संसद का मानसून सत्र शुरू होगा तो मेरे साथ आप लोग भी जंतर-मंतर से संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च करें, अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो बहुत कुछ बदल सकते हैं।''