UP News: मेरठ में फर्जी सर्टिफिकेट से MBBS में दाखिला, डॉक्टर बनने के लिए 20 छात्र बने बौद्ध
Santosh Kumar | September 14, 2024 | 04:33 PM IST | 2 mins read
मेरठ में पहले चरण की काउंसलिंग के दौरान अल्पसंख्यक कोटे की 22 सीटों में से 20 सीटों पर छात्रों ने फर्जी बौद्ध प्रमाण पत्र से दाखिला लिया।
मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित सुभारती विश्वविद्यालय में बड़ा खबर सामने आई है। यहां 20 छात्रों ने बौद्ध धर्म के फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके अल्पसंख्यक कोटे के तहत एमबीबीएस में प्रवेश लिया है। मामला सामने आने के बाद प्रदेश भर के सभी अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
दरअसल, यूपी के अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में अल्पसंख्यक कोटे के तहत सीटें आरक्षित हैं। मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में पहले चरण की काउंसलिंग के दौरान अल्पसंख्यक कोटे की 22 सीटें थीं। इनमें से 20 सीटों पर छात्रों ने बौद्ध धर्म के फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके एडमिशन लिया।
चिकित्सा शिक्षा विभाग को जब इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने जांच के आदेश दे दिए। मेरठ के इस मामले के बाद प्रदेश के सभी अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में पहले चरण की काउंसलिंग में हुए दाखिलों की जांच शुरू कर दी गई है।
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शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश
चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक किंजल सिंह का कहना है कि जांच के बाद जिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाएंगे, उनका प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
यह मामला एक बार फिर शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करता है। बता दें कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के 5 नए मेडिकल कॉलेजों (गोंडा, कौशांबी, चंदौली, लखीमपुर खीरी और औरैया) में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने को मंजूरी दी है।
इसके अलावा, कानपुर देहात और ललितपुर के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है, जिससे 600 नई एमबीबीएस सीटें सृजित हुई हैं। अब शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए राज्य में कुल 11,200 एमबीबीएस सीटें हैं, जिनमें से 5,150 सरकारी और 6,050 निजी कॉलेजों में हैं।
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