बिहार में ‘लिंफैटिक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान’ के दौरान दवा के सेवन से कई स्कूली छात्र हुए बीमार
Press Trust of India | February 26, 2026 | 01:28 PM IST | 1 min read
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह समस्या एमडीए कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली एल्बेंडाजोल दवा के संभावित दुष्प्रभाव के कारण हुई।
नई दिल्ली: बिहार के पटना जिले में बुधवार को लिंफैटिक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान दवा का सेवन करने के बाद कई स्कूली छात्र बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना अथमलगोला इलाके के गणपत राय टोला स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में हुई, जहां मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत छात्रों को दवा दी गई थी। दवा खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह समस्या एमडीए कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली एल्बेंडाजोल दवा के संभावित दुष्प्रभाव के कारण हुई। फाइलेरियासिस एक परजीवी संक्रमण है जो धागे जैसे नेमाटोड (कीड़े) के कारण होता है और मुख्य रूप से संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
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अथमलगोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सा पदाधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, “गणपत राय टोला के प्राथमिक विद्यालय में अभियान जारी था, तभी कुछ बच्चे अस्वस्थ हो गए। अब सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को कोई गंभीर समस्या नहीं है।”
घटना की सूचना मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और एंबुलेंस को तुरंत स्कूल भेजा गया। जिन बच्चों की तबीयत हल्की खराब हुई थी, उन्हें अस्पताल ले जाकर उपचार दिया गया।
चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा, “यह कार्यक्रम कई दिनों से चल रहा है और अब तक कहीं कोई समस्या सामने नहीं आई थी। यह दवा पूरे बिहार में दी जा रही है।”
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