Press Trust of India | February 23, 2026 | 09:28 PM IST | 1 min read
वेबसाइट के अनुसार, शुल्क समीक्षा टैब अभिभावकों को स्कूल शुल्क से संबंधित शिकायतें दर्ज करने, अपडेट की जानकारी लेने और शुल्क समीक्षा समिति के अध्यक्ष को सीधे ईमेल करने की अनुमति देता है।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने अपने शिक्षा विभाग की वेबसाइट को नया रूप दिया है। साथ ही, पारदर्शिता तथा छात्र सहायता में सुधार के लिए दैनिक उपस्थिति ट्रैकिंग, मॉक टेस्ट और प्रश्न बैंक जैसी सुविधाओं के साथ-साथ एक नया शुल्क समीक्षा खंड जोड़ा है।
वेबसाइट के अनुसार, शुल्क समीक्षा टैब अभिभावकों को स्कूल शुल्क से संबंधित शिकायतें दर्ज करने, अपडेट की जानकारी लेने और शुल्क समीक्षा समिति के अध्यक्ष को सीधे ईमेल करने की अनुमति देता है।
इस पर दिखता है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल देव सिंह की अध्यक्षता वाली समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट जे एस कोचर और शिक्षा विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक आर के शर्मा सदस्य हैं।
इस वेबसाइट पर दिल्ली अभिभावक महासंघ द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर 2009 की एक रिट याचिका का विवरण भी है, जिसमें गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए फीस बढ़ाने की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी।
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अदालत ने 12 अगस्त, 2011 के अपने फैसले में दिल्ली में गैर सहायता प्राप्त निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों के खातों की जांच करने और शुल्क वृद्धि को उचित ठहराने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया।
नई वेबसाइट में दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट भी शामिल की गई है। सभी 1,086 सरकारी स्कूलों को प्रतिदिन उपस्थित, अनुपस्थित या अवकाश पर रहने वाले छात्रों की संख्या को अपडेट करना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, वेबसाइट पर दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 और इसके नियम एक अलग खंड उपलब्ध हैं।
वेबसाइट के अनुसार, छात्र विश्वविद्यालय साझा प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के वास्ते अभ्यास के लिए विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र और मॉक टेस्ट हासिल कर सकते हैं।