Press Trust of India | June 14, 2026 | 05:01 PM IST | 2 mins read
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन राजनीतिक सत्ता हासिल करने या किसी राजनीतिक दल को चुनौती देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।

नई दिल्ली: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और अन्य संगठनों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार को हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरना चौक पर एकत्र हुए।
प्रदर्शनकारियों ने “हमें न्याय चाहिए” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन राजनीतिक सत्ता हासिल करने या किसी राजनीतिक दल को चुनौती देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
उन्होंने कहा, “यह आंदोलन शिक्षा मंत्री बनने या कोई पार्टी बनाने के लिए नहीं है। यह आंदोलन देश में हो रही गलतियों को सुधारने के लिए है, खासकर युवाओं के साथ जो हो रहा है, उसके खिलाफ।” कार्यशील लोकतंत्र की आवश्यकता पर जोर देते हुए वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार से व्यवस्था में हुई चूकों की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।
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उन्होंने कहा, “भविष्य में हमें ऐसा कार्यशील लोकतंत्र स्थापित करना चाहिए, जहां भारत भयमुक्त हो, जहां भारत नफरत से मुक्त हो और जहां हर व्यक्ति को बिना किसी सवाल के स्वतंत्रता प्राप्त हो।” वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने का प्रयास है, जिसके लिए आगे एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल टूटी हुई व्यवस्था को ठीक करना या नयी और बेहतर व्यवस्था लाना ही नहीं है। इस पर आगे विस्तार से चर्चा होगी। लेकिन आज सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं की है, जहां परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं और पूरी व्यवस्था में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं का समाधान निकालकर शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाना आवश्यक है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पार्टी को रविवार दोपहर तक धरना देने की अनुमति दी गई है।