JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: जेईई मेन जनवरी 29 शिफ्ट 2 का कठिनाई स्तर मध्यम, जानें टॉपिक वाइज एनालिसिस

Santosh Kumar | January 29, 2025 | 09:16 PM IST | 2 mins read

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, शाम की पाली में आयोजित जेईई मेन का पेपर कुल मिलाकर मध्यम कठिनाई वाला रहा।

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जेईई मेन 2025 सेशन 1 का रिजल्ट 12 फरवरी, 2025 तक जारी किया जा सकता है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आज यानी 29 जनवरी को जेईई मेन 2025 सेशन 1 की परीक्षा का पांचवा दिन सम्पन्न कर लिया है। एनटीए ने जेईई मेन 2025 सेशन 1 शिफ्ट 2 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की। परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के अनुसार, एनटीए जेईई मेन शिफ्ट 2 के पेपर का कठिनाई स्तर मध्यम रहा। जेईई मेन 2025 सेशन 1 का रिजल्ट 12 फरवरी, 2025 तक जारी किया जा सकता है।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, शाम की पाली में आयोजित जेईई मेन का पेपर कुल मिलाकर मध्यम कठिनाई वाला रहा। तीनों खंडों में से भौतिकी सबसे आसान थी, रसायन विज्ञान मध्यम कठिनाई वाला रहा।

JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: प्रश्नों का वितरण सामान्यतः संतुलित

इसके अलावा, गणित हर बार की तरह लंबी गणनाओं के कारण सबसे चुनौतीपूर्ण था, विषयों में प्रश्नों का वितरण आम तौर पर संतुलित था, हालांकि कुछ अध्याय अधिक प्रमुख थे जबकि अन्य पूरी तरह से अनुपस्थित थे।

छात्रों की प्रतिक्रिया के अनुसार, परीक्षा के विभिन्न खंडों के कठिनाई स्तर को रैंक किया गया, जिसमें गणित सबसे कठिन था, उसके बाद रसायन विज्ञान और फिर भौतिकी। यह रैंक छात्रों के अनुभव और विषयों की जटिलता पर आधारित है।

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JEE Main 2025 Shift 2 Difficulty Level: जेईई मेन विषयवार विश्लेषण

अधिकांश छात्रों को भौतिकी का भाग आसान लगा क्योंकि यह सैद्धांतिक था। मैकेनिक्स, वेव्स और थर्मोडायनामिक्स जैसे विषयों को अच्छी तरह से कवर किया गया था, जबकि इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, ऑप्टिक्स और यूनिट्स एंड मेजरमेंट्स से भी प्रश्न थे।

रसायन विज्ञान का भाग आसान से मध्यम था। लगभग सभी अध्याय कवर किए गए थे, जिसमें अकार्बनिक और भौतिक रसायन विज्ञान प्रमुख थे, जबकि कार्बनिक रसायन विज्ञान में कम प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे NCERT पर आधारित थे।

गणित का भाग मध्यम से कठिन था, जिसमें अधिकांश विषयों से अच्छे प्रश्न थे। 3D ज्योमेट्री, वेक्टर, बाइनोमियल थ्योरम, कोनिक सेक्शन, मैट्रिसेज, डिटर्मिननेंट्स जैसे विषय प्रमुख थे। हालांकि कैलकुलस में कम प्रश्न थे।

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