आईआईआईटी-उना और आईआईटी-कानपुर ने अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किया
Press Trust of India | June 20, 2025 | 06:30 PM IST | 2 mins read
इस समझौते का उद्देश्य स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए इनक्यूबेशन गतिविधियों, स्टार्टअप को मार्गदर्शन, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, उना (IIIT Una) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (IIT Kanpur) के बीच अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अधिकारियों ने आज यानी 29 जून, 2025 (शुक्रवार) को यह जानकारी दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थाओं की साझा सोच को दर्शाता है, जिसके तहत वे पारस्परिक लाभ के लिए विभिन्न तरीकों से मिलकर काम करेंगे।
आईआईआईटी-उना के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते के तहत दोनों संस्थानों के शिक्षक और छात्र, संयुक्त शोध परियोजनाओं में उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एकसाथ मिलकर शोध करेंगे।
इस समझौते का उद्देश्य स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए इनक्यूबेशन गतिविधियों, स्टार्टअप को मार्गदर्शन, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, प्रतियोगिताएं, संकाय विकास कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
एक बयान में कहा गया कि शैक्षणिक सहयोग में अतिथि व्याख्यान, संयुक्त सेमिनार, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षणिक संसाधनों का आदान-प्रदान शामिल होगा। बुनियादी ढांचे के विकास के हिस्से के रूप में दोनों संस्थान उन्नत अनुसंधान प्रयोगशालाओं और नवाचार केंद्रों की स्थापना करेंगे तथा उन्हें साझा करेंगे।
आगे कहा गया कि, इसके परिणामस्वरूप, दोनों संस्थान में एक-दूसरे की अनुसंधान सुविधाओं, तकनीकी उपकरणों और शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
आईआईआईटी-उना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौड़ ने कहा कि यह समझौता उनके शैक्षणिक और अनुसंधान लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एमओयू पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल और आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो मनीष गौर ने आईआईटी-के के कार्यवाहक डीन (आरएंडडी) प्रो कुमार वैभव श्रीवास्तव की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। आईआईटी कानपुर ने एक्स पर कहा, “यह समझौता यह भारत के बढ़ते नवाचार और अनुसंधान परिदृश्य में सार्थक योगदान देने के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है।”
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