HP Student Loan Scheme: हिमाचल सरकार उच्च शिक्षा के लिए देगी 20 लाख तक का लोन, ब्याज दर सिर्फ 1 फीसदी
Press Trust of India | May 30, 2026 | 09:01 PM IST | 2 mins read
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 'डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना' के तहत उच्च और व्यावसायिक शिक्षा के लिए सिर्फ 1% ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के लोन की घोषणा की है।
नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 'डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना' के तहत उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (प्रोफेशनल कोर्सेज) की पढ़ाई कर रहे छात्रों को केवल एक प्रतिशत की ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण दे रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने राज्य के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के उन 21 छात्रों के साथ बैठक के दौरान दी, जो पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थी हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने छात्रों से बातचीत करते हुए उन्हें जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार ने छात्रों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में हिमाचल प्रदेश की बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार के सक्रिय प्रयासों और नीतियों के कारण राज्य के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हाल ही में किए गए एक देशव्यापी सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में हिमाचल प्रदेश ने देश में बड़ी छलांग लगाई है और वह 13वें स्थान से अब छठे स्थान पर पहुंच गया है।
देश और विदेश में पढ़ाई के लिए मिलेगी सहायता
सरकार द्वारा दी जा रही यह वित्तीय सहायता केवल देश तक ही सीमित नहीं है। 'डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना' के तहत उन छात्रों को भी पूरा समर्थन और लोन दिया जा रहा है जो भारत के साथ-साथ विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। छात्र इस योजना से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस, पात्रता मानदंडों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
150 से अधिक सरकारी स्कूलों को मिली CBSE संबद्धता
इससे पहले राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया था। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के अनुसार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने राज्य के 151 (मुख्यमंत्री के अनुसार अब 156 से अधिक) सरकारी स्कूलों को अपनी संबद्धता प्रदान कर दी है। आगामी शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों में सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, जिसके तहत छात्र आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई कर सकेंगे। इस कदम से ग्रामीण और स्थानीय स्तर के छात्रों को एक राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक ढांचा और बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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