Santosh Kumar | July 16, 2026 | 06:32 PM IST | 2 mins read
केजरीवाल ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों और शिक्षाविद सोनम वांगचुक (जो भूख हड़ताल पर हैं) को अपना समर्थन दिया।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार (16 जुलाई) को जंतर-मंतर का दौरा किया। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों और शिक्षाविद सोनम वांगचुक (जो भूख हड़ताल पर हैं) को अपना समर्थन दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए केजरीवाल ने कहा कि मंत्री को परीक्षा घोटालों की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि भारत सरकार प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री नियुक्त करे।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और युवाओं के चल रहे विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
केजरीवाल ने सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "युवाओं, आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुनें; वरना, 3 साल बाद आपका (केंद्र सरकार का) हाल भी 2014 जैसा ही होगा।"
शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की मांग उठाते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और प्रधानमंत्री को सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।"
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ये टिप्पणियां राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा नीति से जुड़ी व्यापक चिंताओं को लेकर जंतर-मंतर पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच आई हैं।
इस मौके पर 'आप' नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज भी मौजूद रहे। इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की मेडिकल स्थिति पर रोज़ाना नजर रखी जाए।
क्लाइमेट एक्टिविस्ट वांगचुक आज नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 19वें दिन में प्रवेश कर गए। यह विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित है।