Santosh Kumar | July 4, 2026 | 10:19 PM IST | 3 mins read
आप नेता संजय सिंह ने सभा में भाजपा सरकार पर परीक्षाओं से जुड़े बार-बार हुए विवादों के बावजूद विद्यार्थियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया । उन्होंने सवाल किया कि भाजपा नेता विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर क्यों नहीं गए।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा तथा उसके पक्ष में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास भी सामने आए जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सातवें दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे। 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) ने कहा कि भूख हड़ताल कर रही उसकी एक छात्र नेता की हालत गंभीर होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आइसा ने बताया कि 7 दिन के उपवास के बाद रक्त शर्करा स्तर 46 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक गिर जाने के कारण जेएनयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश अली को शनिवार शाम राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
संगठन ने बताया कि उन्हें नसों के ज़रिए 'फ्लूड' देने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि आइसा के 5 अन्य कार्यकर्ताओं ने वांगचुक और दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।
आप नेता संजय सिंह ने सभा में भाजपा सरकार पर परीक्षाओं से जुड़े बार-बार हुए विवादों के बावजूद विद्यार्थियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया । उन्होंने सवाल किया कि भाजपा नेता विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर क्यों नहीं गए।
आप सांसद ने कहा, ''भाजपा नेताओं को यहां आकर विद्यार्थियों का समर्थन करने से कौन रोक रहा है?'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए, वरना हम संसद को चलने नहीं देंगे।''
माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने इस आंदोलन को युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए देशव्यापी संघर्ष बताया। जॉन ब्रिटास ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित लगभग हर बड़ी परीक्षा पर सवाल उठे हैं।
उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक अधिकारों और सार्वजनिक शिक्षा के लिए लड़ाई का नेतृत्व करने का आग्रह किया। वांगचुक ने कहा, ''अगर हमें ज़बरदस्ती हटाया जाता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए एक धब्बा होगा।"
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी सिर्फ़ शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही की मांग कर रहे थे। इससे पहले कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' पर कहा था कि हर गुजरते दिन के साथ वांगचुक की हालत बिगड़ती जा रही है।
दीपके ने सवाल किया कि प्रधान को पद से अब तक क्यों नहीं हटाया गया। दीपके ने कहा था, ''सोनम वांगचुक का वजन 5 किलो घट गया है और उनकी सेहत बिगड़ती जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए पीएम और कितना समय लेंगे?''
कॉजपा ने पीएम मोदी के लिए एक खुला पत्र भी जारी किया, जिसमें उनसे आंदोलन पर 'गहरी चुप्पी' तोड़ने और प्रश्नपत्र लीक और विद्यार्थियों की आत्महत्याओं के लिए धर्मेंद्र प्रधान को जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है।
वांगचुक ने शुक्रवार देर रात 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा कर क्षेत्र की मांगों को लेकर केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया तथा सरकार से अब शिक्षा में जवाबदेही पर ध्यान देने का आग्रह किया।
कॉजपा का यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था। इस आंदोलन को एम ए बेबी, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज, निखिल डे, सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा समेत राजनीतिक नेताओं से समर्थन मिला है।