Uttarakhand Forest Guard Vacancy: उत्तराखंड में 1000 नए वन रक्षकों की होगी नियुक्ति, सीएम धामी ने दिए निर्देश

Press Trust of India | May 22, 2026 | 02:25 PM IST | 1 min read

धामी ने जंगल की आग रोकने के लिए स्थानीय लोगों और वन विभाग के सहयोग, मजबूत योजना और कर्मचारियों को जरूरी उपकरण देने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए जानकारी साझा की। (इमेज-एक्स/@pushkardhami)

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,000 वन रक्षकों की नियुक्ति करने, प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रखने तथा प्रदेश भर में शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए 'रिस्पॉन्स टाइम' (प्रतिक्रिया समय) न्यूनतम रखा जाए और घटना की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

इस संबंध में, उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराए जाने पर बल दिया। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण के लिए अल्मोड़ा जिले के 'शीतलखेत मॉडल' को प्रदेशभर में लागू करने को कहा।

धामी ने जंगल की आग रोकने के लिए स्थानीय लोगों और वन विभाग के सहयोग, मजबूत योजना और कर्मचारियों को जरूरी उपकरण देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वन रक्षकों के पदों पर 1,000 नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए।

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पुष्कर सिंह धामी ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदेश में इस साल अब तक जंगल में आग लगने की 309 घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें 257 हेक्टेअर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है । हाल में चमोली जिले में आग बुझाने के दौरान वन विभाग के एक अस्थाई कर्मचारी की मौत भी हुई है।

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