Uttarakhand News: उत्तराखंड के छात्रों को मिलेगा फ्री आईटी कोर्स का लाभ, उच्च शिक्षा विभाग ने साइन किया एमओयू
Santosh Kumar | August 14, 2024 | 10:39 PM IST | 2 mins read
सीएम धामी ने कहा कि छात्रवृत्ति के लिए चयनित छात्रों को ब्रिटेन में एक साल की पढ़ाई के बाद उत्तराखंड के विकास के लिए काम करना होगा।
देहरादून: उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य में उच्च शिक्षा को नए आयाम पर ले जाने के उद्देश्य से 14 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास पर ब्रिटिश उच्चायोग और इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सचिव शैलेश बगोली ने चेवनिंग छात्रवृत्ति के लिए ब्रिटिश उच्चायोग की उप उच्चायुक्त कैरोलीन रोवेट और इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के सरकारी भागीदारी प्रमुख संतोष अनंथपुरा के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
चेवनिंग स्कॉलरशिप के तहत राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों से हर साल 5 छात्रों को स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में भेजा जाएगा। यह छात्रवृत्ति न केवल उत्तराखंड के दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को वैश्विक स्तर पर काम करने का अनुभव और अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उनके नेतृत्व कौशल को विकसित करने में भी मदद करेगी।
इस प्रस्तावित सहयोग और समझौते के तहत लागत का आधा हिस्सा चेवनिंग और आधा हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड अपने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर शिक्षकों के लिए मुफ्त आईटी-आधारित प्रशिक्षण और सीएसआर के तहत छात्रों के लिए मुफ्त पाठ्यक्रम प्रदान करेगा।
Also read Agniveer Reservation: उत्तराखंड में अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा आरक्षण, CM धामी का ऐलान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस पहल से राज्य के उच्च शिक्षा के छात्रों को नया अनुभव मिलेगा और यह राज्य को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मुफ्त पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, और छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ नवाचार से भी जोड़ा जा रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि जो छात्रवृत्ति के लिए चुने जाएंगे, उन्हें ब्रिटेन में एक साल की पढ़ाई के बाद उत्तराखंड के विकास के लिए काम करना होगा। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में 35 विश्वविद्यालय हैं और 5 लाख से अधिक छात्र उच्च शिक्षा ले रहे हैं।
राज्य में उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों को शीर्ष रैंकिंग में लाने की दिशा में काम कर रही है और अगले साल तक राज्य के पांच विश्वविद्यालयों को देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार