Press Trust of India | July 1, 2026 | 03:15 PM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को स्पष्ट आदेश दिया है कि जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं, उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएं और उनके लिए एक अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा (Separate TET) आयोजित की जाए।

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के शिक्षा सेवा चयन आयोग को एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कार्यरत (इन-सर्विस) शिक्षकों के लिए एक अलग 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) आयोजित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश यूपीटीईटी (UPTET) 2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिया। उनका मानना है कि इस कदम से सेवारत शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे और अवसरों की कमी के कारण किसी भी शिक्षक को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा की निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा का सफल और पारदर्शी आयोजन केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही भी है। हर उम्मीदवार को सुरक्षित, व्यवस्थित और तनावमुक्त माहौल देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले किसी भी उम्मीदवार को परिवहन, ठहरने, सुरक्षा या अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कोई परेशानी न हो। चूंकि परीक्षा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, इसलिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और प्रमुख परिवहन केंद्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उम्मीदवारों को अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। इसमें पीने का साफ पानी, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र (वेटिंग एरिया), निर्बाध बिजली आपूर्ति, अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के इंतजाम और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण आयोजन के लिए प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित, पारदर्शी एवं तनावमुक्त परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इश परीक्षा में लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे। यूपी टेट परीक्षा 2, 3, 4 को कुल पांच पालियों में संपन्न होगी।
परीक्षा की तिथियां: 2 से 4 जुलाई तक (कुल पांच शिफ्टों में)
कुल परीक्षा केंद्र: राज्य के 60 जिलों में 955 केंद्र बनाए गए हैं।
कुल परीक्षार्थी: इस बार कुल 19,94,661 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी: 17,67,180 परीक्षार्थी राज्य के मूल निवासी हैं।
अन्य राज्यों के अभ्यर्थी: 2,27,481 उम्मीदवार दूसरे राज्यों से आकर परीक्षा देंगे।