Saurabh Pandey | July 1, 2026 | 03:57 PM IST | 3 mins read
NBEMS ने नीट-पीजी 2026 के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी कर 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर परीक्षा शहर आवंटन के नियम को खत्म किया है और फॉर्म भरने के लिए तीन राज्यों के चयन को अनिवार्य बनाया है।

नई दिल्ली : आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने नीट-पीजी (NEET-PG) 2026 के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले 'सूचना बुलेटिन' को ध्यान से पढ़ने के बाद ही अपना आवेदन फॉर्म जमा करें। इस बार परीक्षा केंद्रों के आवंटन से लेकर पहचान सत्यापन तक की प्रक्रियाओं में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं , जिन्हें अनदेखा करने पर आवेदन रद्द भी हो सकता है।
एनबीईएमएस ने साफ तौर पर कहा है कि नीट-पीजी 2026 में परीक्षा शहर का आवंटन 'पहले आओ पहले पाओ' (First Come First Serve) के आधार पर नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे हड़बड़ी में फॉर्म न भरें, क्योंकि आवेदन जल्दी जमा करने से किसी विशेष राज्य, परीक्षा शहर या केंद्र के आवंटन पर कोई प्राथमिकता का अधिकार नहीं मिलेगा। हालांकि बोर्ड उम्मीदवारों की पसंद के अनुसार ही केंद्र देने का पूरा प्रयास करेगा, लेकिन प्रशासनिक या सुरक्षा कारणों से भारत में कहीं भी केंद्र आवंटित करने का अधिकार बोर्ड के पास सुरक्षित है।
इस बार उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए अपनी पसंद के तीन राज्यों का चयन करना होगा। इनमें से पहला पसंदीदा राज्य अनिवार्य रूप से वही होना चाहिए, जो उम्मीदवार ने फॉर्म में अपने पत्राचार के पते (Correspondence State) के रूप में भरा है। बाकी दो राज्यों का चयन केवल पड़ोसी राज्यों में से ही किया जा सकेगा। उम्मीदवारों को पत्राचार का एक वैध पता और उसके समर्थन में स्वीकार्य दस्तावेज़ (जैसे आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट या मेडिकल काउंसिल पंजीकरण) देना अनिवार्य होगा। ध्यान रहे कि फाइनल सबमिशन के बाद पत्राचार का पता और राज्यों की प्राथमिकता 'एडिट विंडो' के दौरान भी बदली नहीं जा सकेगी।
आवेदन फॉर्म में उम्मीदवारों को अपनी नवीनतम फोटो (जो तीन महीने से अधिक पुरानी न हो) और हस्ताक्षर तय गाइडलाइंस के अनुसार ही अपलोड करने होंगे। नियमों के मुताबिक फोटो न होने या धुंधली/मॉर्फ्ड इमेज होने पर आवेदन खारिज किया जा सकता है और एडमिट कार्ड भी नहीं जारी होगा। इसके अलावा कैटेगरी, जन्मतिथि, PWBD स्टेटस और संपर्क विवरण जैसी जानकारियां बहुत सावधानी से भरनी होंगी, क्योंकि फॉर्म सबमिट होने के बाद बोर्ड किसी भी परिस्थिति में इसमें सुधार या बदलाव नहीं करेगा। यही डेटा आगे काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रियाओं में पहले से भरा हुआ दिखाई देगा।
नीट-पीजी 2026 के लिए NBEMS इस बार 'आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन और वेरिफिकेशन' की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार कार्ड अनलॉक हो। साथ ही, उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान अपनी उंगलियों, हाथों या हथेलियों पर मेहंदी, रंग, स्याही या पेंट न लगाने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि इससे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में बाधा आ सकती है। आधार ऑथेंटिकेशन फेल होने की स्थिति में बोर्ड आइरिस-आधारित ऑथेंटिकेशन (IRIS-based) जैसे वैकल्पिक तरीके अपना सकता है।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को हिदायत दी है कि वे सोशल मीडिया या अनौपचारिक स्रोतों पर फैली अफवाहों पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां केवल NBEMS की वेबसाइट natboard.edu.in या उनके आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल पर ही दी जाएंगी। अभ्यर्थियों को पूरी प्रक्रिया संपन्न होने तक अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर को हमेशा एक्टिव और चालू रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह के जालसाजों या दलालों के झांसे में आकर अपनी गोपनीय जानकारी (जैसे पासवर्ड, आधार डिटेल्स या आवेदन संख्या) साझा न करें। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कानूनी कार्रवाई और उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।