छात्र संगठनों ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

Press Trust of India | June 1, 2026 | 09:27 PM IST | 1 min read

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में नीट, सीयूईटी, एसएससी और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की गई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। (इमेज-एक्स/@dpradhanbjp)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कुछ छात्र संगठनों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया और बार-बार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में नीट, सीयूईटी, एसएससी और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की गई।

जवाबदेही की मांग को लेकर मार्च आयोजित

छात्र संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र लीक, स्कोर गणना में त्रुटियों और परीक्षा संबंधी व्यवधानों के लिए जवाबदेही की मांग करते हुए शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च किया।

संगठनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए छात्रों और कार्यकर्ताओं को कापसहेड़ा थाने ले जाया गया और वहां कई घंटों तक रखा गया।

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वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 8 से 10 छात्रों को हिरासत में लिया गया।'' आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने आरोप लगाया कि एनटीए शिक्षा प्रणाली में लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की आइसा इकाई की सचिव अंजलि ने सरकार पर परीक्षा अनियमितताओं से संबंधित चिंताओं को दूर करने के बजाय छात्रों के प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

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